नई दिल्ली : 'इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज' (आईएलएंडएफएस) के मामले में कांग्रेस सांसद केवी थॉमस के एक पत्र का हवाला देकर वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा सोमवार को राहुल गांधी पर किए गए हमले पर पलटवार करते हुए विपक्षी पार्टी ने कहा कि एक सांसद का पत्र देश का कानून नहीं है जिसका जेटली अनुसरण करें।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि वह विजय माल्या और नीरव मोदी के मामलों की तरह इसमें भी जिम्मेदारी से बचने और 'सांठगांठ वाले अमीरों' को बचाने का काम कर रहे हैं।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ''एक बार फिर वित्त मंत्री जिम्मेदारी से बचने, देश की बेशकीमती संपत्ति को बेचने और सांठगांठ वाले लोगों को बचाने का काम कर रहे हैं जैसे उन्होंने माल्या, नीरव मोदी, ललित मोदी और मेहुल चोकसी के मामलों में किया।'' उन्होंने कहा कि एक सांसद का पत्र देश का कानून नहीं है कि वित्त मंत्री उस पर अमल करें।

उन्होंने आरोप लगाया कि इससे 'सरकार की चोरी' को ढकने की छटपटाहट दिखाई देती है। दरअसल, जेटली ने थॉमस का पत्र साझा करते हुए कहा, ''कांग्रेस पिछले कुछ दिनों से निजी कंपनी आईएलएंडएफएस को लेकर सरकार के संभावित कदम के बारे में गलत जानकारी फैला रही है।'' उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपने ही पार्टी के नेता से कुछ सीखना चाहिए।

Posted by Arun Jaitley on Monday, October 1, 2018

वित्त मंत्री ने कांग्रेस नेता थॉमस से जिस पत्र का हवाला दिया उसमें थॉमस ने आईएलएंडएफस की समस्या के निस्तारण को लेकर सुझाव दिए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि आईएलएंडएफस पर 91 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है और सरकार देश के आम नागरिकों के निवेश के पैसे का इस्तेमाल इस कंपनी के लिए प्रोत्साहन पैकेज में करने जा रही है ताकि विदेशी निवेशकों का हित साधा जा सके।