पटना : 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर (PK) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में JD(U) का दामन थाम लिया है। इसके साथ ही पिछले कुछ वर्षों से चुनावी रणनीतिकार के तौर पर उभरे PK आज होने वाली JD(U) की कार्यकारिणी बैठक में पहली बार भाग लेंगे।

बताया जाता है कि प्रशांत किशोर अब से किसी भी राजनीतिक दल की रणनीतिक के रूप में काम नहीं करेंगे। नीतीश कुमार दो महीने पहल ही अनौपचारिक रूप से पार्टी के नेताओं से कह चुके थे कि PK अब जद(यू) का दामन थामेंगे और अपने अनुभवों से चुनावों में जदयू की जीत में अहम भूमिका भी निभाएंगे। खुद प्रशांत किशोर ने आज रविवार को ट्वीट कर बताया कि अब वह पूरी तरह से राजनीति में आ गए हैं और बिहार से नई यात्रा शुरू करने को लेकर वह काफी उत्साहित हैं।

जद(यू) प्रमुख व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ प्रशांत किशोर 
जद(यू) प्रमुख व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ प्रशांत किशोर 

2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पटना में आज जद(यू) की कार्यकारिणी की बैठक होनी है, जिसमें पार्टी के सभी सांसद और विधायक और नेता मौजूद रहेंगे। बैठक में नीतीश कुमार पार्टी के नेताओं को 2019 चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति से अवगत कराएंगे।

प्रशांत किशोर वही हैं, जिन्होंने 2014 में भारतीय जनता पार्टी, 2015 में राजद-जेडीयू-कांग्रेस महागठबंधन और 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के लिये काम किया था। एक समय चुनाव में जीत की गारंटी बन चुके प्रशांत किशोर उस समय चर्चा में आए थे जब 2014 के चुनाव प्रचार में बीजेपी के प्रचार को उन्होंने 'मोदी लहर' में बदल दिया था।

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परंतु बाद में उनके और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बीच मतभेद की खबरें आईं। उन्होंने साल 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन (आरजेडी+जेडीयू+कांग्रेस) के प्रचार की कमान संभाल ली और भाजपा के खिलाफ महागठबंधन की जीत में महत्वूपर्ण भूमिका निभाई।

वर्ष 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव के बाद प्रशांत किशोर के नीतीश कुमार से मतभेद की खबरें आई थीं, लेकिन PK के जेडीयू में शामिल हो जाने से इन अटकलों पर विराम चिन्ह लग गया है।

बाद में PK ने उत्तर प्रदेश विधानसबा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के चुनावी रणनीतिकार के रूप में काम किया, लेकिन यहां वह सफल नहीं हुए और राज्य में कांग्रेस पार्टी कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पाई थी।