कोट्टयम/कोच्चि: मिशनरीज ऑफ जीसस ने देश के बलात्कार रोधी कानून का उल्लंघन करते हुए शुक्रवार को कथित बलात्कार पीड़िता नन और आरोपी की एक साथ बैठे हुए तस्वीर जारी कर दी।

जालंधर डायसिस के बिशप पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली नन इसी मिशनरीज से ताल्लुक रखती हैं। मिशनरीज ऑफ जीसस ने नन के आरोपों की जांच करने वाले आयोग के निष्कर्षों को प्रकाशित करने के लिए मीडिया को जारी विज्ञप्ति में तस्वीर जारी की।

भारतीय कानून में बलात्कार और यौन उत्पीड़न के पीड़ितों की पहचान उजागर करने पर पाबंदी है। हालांकि मिशनरीज ने तस्वीर प्रकाशित नहीं करने को लेकर आगाह करते हुए कहा कि अगर प्रेस नियम का उल्लंघन करती है तो मिशनरीज को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।

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उसने दावा किया कि 23 मई, 2015 को तस्वीर उस वक्त ली गयी जब नन बिशप फ्रेंको मुलक्कल के साथ एक निजी समारोह में भाग ले रही थीं।

उन्होंने दावा किया कि नन ने मुलक्कल के साथ ऐसे कई कार्यक्रमों में भाग लिया था। शिकायत दाखिल करने के बाद नन कभी सार्वजनिक रूप से या मीडिया के सामने पेश नहीं हुई।

मिशनरीज ने प्रेस विज्ञप्ति में पीड़िता, उसकी पांच साथी ननों और चार अन्य पर बिशप के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया।