नई दिल्ली: भारतीय बैंकों से करोड़ों का कर्जा लेकर चंपत होने वाले कारोबारी विजय माल्या ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उनके मुताबिक देश छोड़ने से ठीक पहले उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी। साथ ही सेटलमेंट का ऑफर किया था।

विजय माल्या ने लंदन में कोर्ट से बाहर मीडिया से मुखातिब होते हुए आरोप लगाया कि उन्हें राजनीति का फुटबॉल बना दिया गया है। विजय माल्या के ताजा बयान के बाद आप नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आक्रामक हो गए। उन्होंने ट्वीट कर आरोप लगाया कि नीरव मोदी देश छोड़ने से पहले पीएम से मीटिंग करते हैं जबकि विजय माल्या अरुण जेटली से, इससे क्या साबित होता है, लोग जानना चाहते हैं।

हालांकि इस बारे में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने निजी चैनल से बातचीत में सफाई दी कि उन्होंने माल्या को मिलने के लिए वक्त नहीं दिया था। सांसद होने के विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते हुए माल्या से उनकी संक्षिप्त मुलाकात संसद के कॉरिडोर में हुई थी। जेटली ने स्वीकार किया कि माल्या ने मामले को सुलझाने का ऑफर दिया था, जिसे उन्होंने खारिज कर दिया।

इससे पहले सरकार की तरफ से जानकारी दी गई थी कि माल्या ने देश छोड़ने से पहले किसी मंत्री से मुलाकात नहीं की थी। ये जरूर था कि माल्या ने प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा था। जबकि पीएम से मिलने के लिए माल्या को वक्त नहीं दिया गया।

जाहिर है भगोड़े विजय माल्या के ताजा बयान के बाद एक बार फिर विपक्षी पार्टियों को सरकार पर हमला करने का मौका मिलेगा। फिलहाल इस बारे में कांग्रेस के किसी बड़े नेता के बयान का इंतजार है।

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