भिंड : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद दिवस सम्मान समारोह में शहीदों को राज्य शासन द्वारा दी जाने वाली एक करोड़ रुपये की सम्मान निधि में से 60 प्रतिशत राशि शहीद के वैधानिक वारिस और 40 प्रतिशत राशि शहीद के माता-पिता को देने के अलावा शहीदों के माता-पिता को पांच हजार रुपये प्रति माह की पेंशन भी देने का ऐलान किया है।

शहीद दिवस पर यहां मंगलवार को आयोजित समारोह में चौहान ने कहा कि शहीद के वारिस को नौकरी, फ्लैट अथवा आवासीय प्लॉट दिया जाएगा।

चौहान ने आगे कहा कि शहीदों के नाम पर सार्वजनिक मार्ग, चौराहों और स्थलों का नामकरण किया जाएगा। स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर शहीदों की प्रतिमाएं लगाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने समारोह में भिंड जिले के 119 शहीदों के परिजनों को शॉल, श्रीफल, सम्मान-पत्र और उपहार भेंट कर सम्मानित किया।

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चौहान ने कहा कि शहीदों का राष्ट्र पर कर्ज है। हम मध्यप्रदेश में शहीदों की शहादत को नमन करते हुए परिजनों को सम्मानित करने की परंपरा कायम करेंगे। शहीदों का स्मरण कर हम उनके कर्ज को उतारने का प्रयास करते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आजादी के बाद सीमांत की रक्षा, आतंकवाद जैसी कार्यवाहियों में देश के 30 हजार जवानों ने शहादत दी है। इनमें से अकेले मध्यप्रदेश के 602 शहीदों को अब तक सूचीबद्ध किया गया है। इनमें भिंड, मुरैना और ग्वालियर जिले के शहीदों की संख्या सर्वाधिक है। इसके पहले मुख्यमंत्री चौहान ने कार्यक्रम में स्वयं का सम्मान करवाने से इनकार कर दिया।

आजादी की सालगिरह से एक दिन पहले पूरे प्रदेश में शहीद दिवस मनाया गया। इस मौके पर जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया।