नई दिल्ली : राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने उच्च सदन में गुरुवार को कांग्रेस नेता बी. के. हरिप्रसाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई टिप्पणी को सदन की परिचर्चा से हटाने का आदेश दिया। सभापति नियमित रूप से सदन में परिचर्चा से 'असंसदीय' टिप्पणी व शब्द को हटाने का आदेश देते हैं। हालांकि यह काफी असाधारण अवसर है, जब प्रधानमंत्री के बयान को संसदीय परिचर्चा के अभिलेख से हटाने का आदेश दिया गया है।

मोदी ने उक्त टिप्पणी राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार हरिवंश नारायण सिंह द्वारा विपक्ष समर्थित उम्मीदवार और कांग्रेस नेता बी. के. हरिप्रसाद को पराजित करने पर उनको बधाई देते कहा था कि यह चुनाव दो हरि के बीच में था। अब सदन पर 'हरि-कृपा' बनी रहेगी।

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मोदी ने हिंदी में हरिप्रसाद के नाम के आद्य अक्षर बी. के. पर टिप्पणी करते हुए कुछ कहा था। राज्यसभा सभापति मोदी की टिप्पणी को 'अपमानजनक' मानकर सदन के रिकॉर्ड से हटा दिया। इससे पहले राज्यसभा के सभापति वैंकेया नायडू ने शिकायत पर कहा था कि भाषण को देखा जाएगा और यदि कुछ आपत्तिजनक लगा तो उसे रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा।

राज्यसभा के उपसभापति चुनाव के लिए कराए गए चुनाव में राजग उम्मीदवार हरिवंश और विपक्ष के उम्मीदवार बीके हरिप्रसाद के बीच सीधा मुकाबला था। इस चुनाव में जनता दल यूनाइटेड से राज्यसभा सांसद हरिवंश ने कांग्रेस के बीके हरिप्रसाद को हरा दिया। एनडीए उम्मीदवार हरिवंश को सदन में 125 वोट मिले,वहीं विपक्ष के उम्मीदवार बीके हरिप्रसाद को 105 वोट ही मिले थे।