तिरुवनंतपुरम : केरल में भारी बारिश के कारण इससे संबंधित घटनाओं में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई। इडुक्की जिले में बारिश से सर्वाधिक 10 लोगों की मौत हुई, जिनमें से पांच एक ही परिवार के सदस्य थे। मलप्पुरम में पांच, कन्नूर में दो और वायनाड जिले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वायनाड, पलक्कड ओर कोझिकोड जिलों में एक-एक व्यक्ति लापता हैं।

अन्य पांच पीड़ित मलप्पुरम जिले से थे, जो चलियार नदी में बह गए। इडुक्की के विद्युत मंत्री एम.एम मणि ने कहा, "बहुत बुरा हुआ। मैंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है और गुरुवार सुबह इदामालय बांध के द्वार खोल दिए गए। हम इडुक्की बांध का भी एक द्वार खोलेंगे।"

कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (सीआईएएल) ने पेरियार नदी में बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए हवाई अड्डा क्षेत्र के जलमग्न होने की आशंका के तहत यहां विमानों की लैंडिंग रोक दी गई।

इससे पहले इडुक्की बांध के द्वारा 1992 में खोले गए थे। मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने स्थिति का आकलन करने के लिए एक आपात बैठक बुलाई है।

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जानकारी के अनुसार इदामालयर बांध से आज सुबह करीब 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया जिससे जल स्तर 169.95 मीटर पर पहुंच गया। इडुक्की बांध में आज सुबह आठ बजे तक जल स्तर 2,398 फीट था जो जलाशय के पूर्ण स्तर के मुकाबले 50 फीट अधिक था। प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

मुख्यमंत्री पिनरई विजययन ने कहा है कि हमने सेना, नौसेना, कोस्ट गार्ड और एनडीआरएफ से मदद मांगी हैं। 3 टीमें आ गई हैं, 2 जल्द पहुंच जाएंगी इसके साथ 6 अन्य टीमें आएंगी। सीएम ने जानकारी दी कि नेहरू ट्रॉफी बोट रेस कैंसिल कर दी गई है।