कासगंज: क्या आपने कभी देखा है किसी कि बारात में 150 पुलिसकर्मियों का तांता लगा हो, लेकिन कासगंज के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के निजामपुर गांव में जहां पहली दफा किसी दलित की बारात निकली, जिसमें दूल्हा बाकायदा घोड़ी चढ़कर दुल्हन के दरवाजे पहुंचा। जिस दौरान तकरीबन 150 पुलिसकर्मियों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई।

जानकारी के मुताबिक दुल्हन की इच्छा थी कि उसका दूल्हा घोड़ी चढ़कर बारात लेकर आए लेकिन निजामपुर गांव में दलितों को घोड़ी चढ़ने की सख्त मनाही है, जिसके चलते दूल्हे ने पुलिस से अपनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गुहार लगाई, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा देने का भरोसा देते हुए बारात के दिन गांव में भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।

और जब तक दुल्हन की विदाई नहीं हुई तब तक पुलिसकर्मियों ने गांववालों के हर एक गतिविधियों पर नजर बनाएं रखी।

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गौरतलब है कि दुल्हा संजय जाटव और दुल्हन शीतल की शादी का मामला पिछले कई महीनों से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इसके लिए संजय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट तक का दरवाजा भी खटखटाया था।