कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर ताबड़तोड़ हमला बोला और आरोप लगाया कि वह ‘‘ लोकतंत्र का गला घोंट रही है '' तथा ‘‘ सिंडीकेट राज '' चला रही है जिसकी अनुमति के बिना कुछ भी नहीं होता। प्रधानमंत्री ने यहॉं किसान कल्याण रैली को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि उनकी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने पर काम कर रही है।

मोदी ने आगामी आम चुनाव के संदर्भ में कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों को अगले कुछ महीनों में तृणमूल कॉंग्रेस के ‘‘ कुशासन '' से मुक्ति मिल जाएगी। रैली के दौरान आयोजन स्थल पर एक अस्थाई तंबू गिर गया। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे में कम से कम 22 लोग घायल हुए हैं। मोदी ने तृणमूल सरकार के खिलाफ ताबड़तोड़ हमला करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में ‘‘ सिंडीकेट '' की अनुमति के बिना कुछ भी हासिल नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा , ‘‘ वंदे मातरम् '' और ‘‘ जन गण मन '' की धरती पर राजनीतिक सिंडीकेट का शासन। उन्होंने यह भी कहा कि सिंडीकेट तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति का अनुसरण कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि तृणमूल कॉंग्रेस सरकार चिट फंड चलाने , किसानों के लाभों को हड़पने तथा गरीबों पर अत्याचार करने के लिए सिंडीकेट चला रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग यह सोचते हैं कि वे हिंसा के सहारे सत्ता में रह सकते हैं , उन्हें ‘‘ जो कुछ साफ है , उसे समझना चाहिए। ''

मोदी ने कहा , ‘‘ बंगाल के लोगों ने वाम मोर्चे के कुशासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी। इसमें कुछ समय लगा। कुछ महीने के भीतर बंगाल के लोगों को तृणमूल कॉंग्रेस के कुशासन से मुक्ति मिल जाएगी। लोग सिर्फ एक अवसर का इंतजार कर रहे हैं। ''

उन्होंने कहा , ‘‘ हम सब वर्तमान शासन के तहत पश्चिम बंगाल की स्थिति के बारे में जानते हैं। जो लोग मॉं , माटी और मानुष (तृणमूल कॉंग्रेस का नारा) की बात करते हैं , उनका भंडाफोड़ हो चुका है। वे सिंडीकेट चला रहे हैं। राज्य में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है और बर्बरता की जा रही है। '' मोदी के अनुसार पश्चिम बंगाल में पूजा अनुष्ठान और परंपरा तथा विरासत खतरे में हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा , ‘‘ यदि आप कोई नया व्यवसाय या काम शुरू करना चाहते हैं तो आपको सिंडीकेट को भुगतान करना होगा। बंगाल में निवेश आना बंद हो गया है। लोग इस सरकार से हताश और निराश हैं। '' कॉलेजों में दाखिले के लिए छात्रों से वसूली के हालिया आरोपों का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि तृणमूल कॉंग्रेस ने वाम मोर्चे के 34 साल के शासन के खात्मे के बाद बंगाल को और बर्बाद कर दिया है।

राज्य में पंचायत चुनावों तथा हिंसा के संबंध में मोदी ने कहा कि ‘‘ तृणमूल कॉंग्रेस द्वारा पैदा किए गए आतंक के भय के बावजूद '' लोगों के बड़ी संख्या में भाजपा के समर्थन में आने पर वह उनको नमन करते हैं। मोदी ने हाल में पुरुलिया जिले में तीन दलित कार्यकर्ताओं के मारे जाने के संदर्भ में कहा , ‘‘ हमारे दलित कार्यकर्ता एक - एक कर मारे गए। लेकिन फिर भी राज्य के लोग हिंसा के खिलाफ खड़े रहे। इससे केवल यह पता चलता है कि राज्य का भविष्य उज्ज्वल है। '' उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के लोग साहस और दृढ़ता के साथ राज्य में परिवर्तन लेकर आए।

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पश्चिम बंगाल में भी लोग सिंडीकेट को शिकस्त दे सकते हैं। राज्य सरकार द्वारा केंद्र से मिले कोष के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए मोदी ने कहा कि एक भी पैसा तृणमूल कॉंग्रेस के सिंडीकेट की अनुमति के बिना खर्च नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा , ‘‘ तृणमूल कांग्रेस लोकतंत्र में या चुनाव प्रक्रिया में विश्वास नहीं करती है। यहॉं तक कि उसका न्यायपालिका में भी विश्वास नहीं है। '' मोदी ने अपनी सरकार को ‘‘ किसानों की सरकार '' बताया।

उन्होंने कहा , ‘‘ हमारी सरकार किसानों के लिए काम करती है ... गुणवत्ता वाले बीज से लेकर बाजार तक। उत्पाद को सुरक्षित रखने के लिए गोदामों का होना महत्वपूर्ण है। '' रैली स्थल के आसपास मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीरों वाले पोस्टरों के संदर्भ में मोदी ने कहा , ‘‘ यहॉं तक कि तृणमूल कॉंग्रेस भी हमारी उपलब्धियों को नहीं नकार सकती। उसने प्रधानमंत्री के स्वागत में हाथ जोड़े दीदी (ममता) के पोस्टर लगाए हैं। ''

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने किसानों के विकास के लिए काम नहीं किया। न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने के मुद्दे को देखने के लिए कई आयोग बनाए गए , लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। मोदी ने कहा , ‘‘ किसान भारत की आत्मा हैं। कोई देश तब तक पूर्ण विकास नहीं कर सकता जब तक कि किसानों का विकास नहीं होता। '' धान और खरीफ की अन्य फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने के बारे में मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने जूट का प्रति क्विंटल मूल्य भी बढ़ाया है जिससे बंगाल के जूट उत्पादकों को मदद मिलेगी।

रैली को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री अस्पताल गए और तंबू गिरने से घायल हुए लोगों से मुलाकात की। अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के बीच में तंबू गिरते देखा और तत्काल अपने पास खड़े एस पी जी कर्मियों को लोगों तथा घायलों को देखने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि स्थानीय भाजपा इकाई तथा मोदी का निजी स्टाफ , उनका डॉक्टर तथा एस पी जी कर्मी घायलों की मदद के लिए तत्काल हरकत में आ गए।