मोदी सरकार ने किसानों को दिया तोहफा, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में रिकॉर्ड इजाफा

डिजाइन फोटो - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने किसानों को तोहफा देते हुए धान का समर्थन मूल्य बढ़ा दिया है। आज हुई कैबिनेट बैठक में इस बात पर मुहर लगी। धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 200 रुपये का इजाफा हुआ है। अब किसानों को प्रति क्विंटल 1750 रुपये मिलेगा।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2018-19 के बजट भाषण में घोषणा की थी कि केंद्र और राज्य सरकारों के साथ परामर्श कर नीति आयोग एक बेहतर प्रणाली स्थापित करेगा, जो यह सुनिश्चित करेगा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का पूरा लाभ मिले।

कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार के द्वारा आज ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। केंद्र की नरेंद्र मोदी की अगुवाई सरकार ने देश के किसानों को बड़ी सौगात देते हुए एक ऐसा कार्य किया है, जिसका देश की अर्थव्य्वस्था पर दूरगामी परिणाम होगा। इतना ही नहीं सरकार ने किसानों की नाराजगी दूर करने के लिए खरीफ के सीजन वाली सभी 14 फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाने का फैसला लिया है।

केन्द्र सरकार के द्वारा लिए गए फैसले को आगामी लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है और भाजपा व उसके सहयोगी दल इसे मास्टर स्ट्रोक बता रहे हैं।

प्रेस को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के तकरीबन 12 करोड़ किसानों को इस फैसले का सीधे लाभ होगा।

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आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बुधवार को फसल वर्ष 2018-19 (जुलाई-जून) की खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में उत्पादन लागत पर 50 फीसदी लाभ के साथ वृद्धि की घोषणा की।

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा बुधवार को लिए गए फैसले के अनुसार, फसल वर्ष 2018-19 में सामान्य ग्रेड के धान का एमएसपी 200 रुपये प्रति कुंटल बढ़ाकर 1750 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है और सामान्य ग्रेड-ए धान का एमएसपी 1590 रुपये से बढ़ाकर 1770 रुपये प्रति कुंटल किया गया है।

वहीं हाइब्रिड धान का एमएसपी 1700 रुपये प्रति कुंटल से बढ़ाकर 2430 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है।

गृहमंत्री ने कहा कि एमएसपी ए-2 और एफएल के योग के आधार पर होगा, जोकि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश की लागत संकल्पना पर आधारित है। केंद्र सरकार को एमएसपी में बढ़ोतरी से 15,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च करना होगा।

उन्होंने कहा कि उच्च एमएसपी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की किसानों की आमदनी 2022 तक दोगुनी करने की योजना का हिस्सा है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि बाजरा का एमएसपी सीएसीपी द्वारा तय लागत 990 रुपये पर 97 फीसदी प्रतिफल के साथ 1,950 रुपये प्रति कुंटल होगा।

सरकार ने मूंगफली का एमएसपी 4,450 रुपये से बढ़ाकर 4,890 रुपये प्रति कुंटल कर दिया। इसी प्रकार सोयाबीन का समर्थन मूल्य 3,050 रुपये से बढ़ाकर 3,399 रुपये और मूंग का एएसपी 5,575 रुपये से बढ़ाकर 6,975 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है। रागी का एमएसपी 1,900 रुपये से बढ़ाकर 2,897 रुपये और बाजरा का 1,425 रुपये से बढ़ाकर 1950 रुपये कर दिया गया है। ज्वार का एमएसपी 1,725 रुपये से बढ़ाकर 2,450 रुपये और उड़द का 5,400 रुपये से बढ़ाकर 5,600 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है।

तुअर का एमएसपी 5,450 रुपये से बढ़ाकर 5,675 रुपये और कपास लांग स्टेपल का 4,320 रुपये से बढ़ाकर 5,450 रुपये प्रति कुंटल और मीडियम स्टेपल का 4,020 रुपये से बढ़ाकर 5,150 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है।

सूरजमुखी का एमएसपी 4,100 रुपये से बढ़ाकर 5,388 रुपये प्रति कुंटल, तिल का एमएसपी 5,300 रुपये से बढ़ाकर 6,249 रुपये प्रति कुंटल और नाइजरसीड का एमएसपी 4,050 रुपये से बढ़ाकर 5,877 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है।

मक्के का एमएसपी 1,425 रुपये से बढ़ाकर 1,700 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है।

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