लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती का आज जन्मदिन है। बुधवार को वह अपना 64वां जन्मदिन मना रही हैं। 15 जनवरी 1956 को नई दिल्ली में जन्मीं मायावती मीडिया और प्रशंसकों से दूर ही रहती हैं। बावजूद कई ऐसे करीबी रहे हैं, जिन्होंने मायावती से जुड़ी कई ऐसी घटनाओं का जिक्र किया है, जो बेहद गोपनीय रही है। आइए ऐसी ही एक घटना के बारे में जानते हैं, उनके करीबी रहे सरवर हुसैन से।

मायावती के कभी बेहद करीबी रहे सरवर हुसैन प्रयागराज (इलाहाबाद) के नैनी में रहते हैं। उन्होंने काफी समय पहले मायावती से जुड़ी कुछ अहम बातों का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि मायावती प्रयागराज के नैनी जेल में बंद रह चुकी हैं और उसी दौरान एक दारोगा ने उनका एनकाउंटर करने का भी प्रयास किया था।

नैनी सेंट्रल जेल में बंद थीं मायावती

सरवर हुसैन के मुताबिक, मायावती दिसंबर 1991 में नैनी सेंट्रल जेल में बंद हो चुकी हैं। बुलंदशहर में मायावती और डीएम के बीच नोकझोंक के कारण उन्हें नैनी सेंट्रल जेल में बंद किया गया था। दरअसल, मायावती और तत्कालीन डीएम के बीच मतपत्र देखने के लिए छीना-झपटी हुई थी।

दारोगा ने तान ली थी पिस्टल

इस मामले में मायावती की लखनऊ में पेशी थी। सरवर हुसैन ने बताया कि पेशी के बाद वह लखनऊ पैसेंजर से इलाहाबाद वापस आ रहे थे। इलाहाबाद जंक्शन से पहले प्रयाग स्टेशन पर ट्रेन रुकी हुई थी। वक्त सुबह के करीब 4.30 बजे थे। साथ में चल रहे स्कॉट के दारोगा ने नीचे उतरकर पैदल चलने को कहा।

यह भी पढ़ें :

तो इस वजह से मायावती के पिता ने छोड़ा था साथ, दिल्ली में करनी पड़ी थी साधारण नौकरी

उसी वक्त दारोगा ने मायावती की हत्‍या करने के इरादे से अपनी रिवॉल्‍वर निकाल ली। इसके बाद मायावती ने सरवर हुसैन से कहा कि सामने मस्जिद है, वहां आवाज लगाओ। ताकि लोग इक्ठ्ठा हो सकें। हालांकि ट्रेन में ही आर्मी के कुछ जवान मौजूद थे। जिन्होंने दारोगा को चिल्लाते हुए ऐसा नहीं करने के लिए कहा। मायावती ने दारोगा के खिलाफ 18 दिसंबर 1991 को जेल सुपरिटेंडेंट को लिखित शिकायत भी दी थी।