राहुल गांधी फिर बन सकते हैं कांग्रेस अध्यक्ष, इस बड़े नेता ने दिए संकेत   

राहुल गांधी (फाइल फोटो)  - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को कहा कि राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद से लोग उनकी एक बेबाक नेता के तौर पर कमी महसूस कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें जल्द से जल्द फिर से पार्टी की कमान संभाल लेनी चाहिए।

उन्होंने यह बयान उस वक्त दिया है जब लगातार ऐसी खबर आ रही हैं कि राहुल गांधी निकट भविष्य में फिर से कांग्रेस अध्यक्ष बन सकते हैं और 14 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली पार्टी की रैली में इसके लिए मार्ग प्रशस्त होने की शुरुआत हो सकती है।

राहुल और वेणुगोपाल

इससे पहले कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल का कहना है कि देश अब ज्यादा चाहने लगा है कि वह नेतृत्व की भूमिका में हों। राहुल गांधी के साथ केरल स्थित उनके संसदीय क्षेत्र वायनाड गए वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, "देश नाजुक दौर से गुजर रहा है। पार्टी को उनके नेतृत्व की जरूरत है और पार्टी के कार्यकर्ताओं की ओर से उनकी वापसी की मांग उठने लगी है। हमें उम्मीद है कि वह उनकी बात सुनेंगे।"

बघेल ने यहां ''पीटीआई-भाषा'' को दिए साक्षात्कार में कहा, "राहुल जी कांग्रेस के सर्वमान्य नेता हैं। पूरे देश के कांग्रेस कार्यकर्ता उनके साथ हैं। उन्हें जल्द से जल्द कांग्रेस अध्यक्ष बनना चाहिए।''

उन्होंने कहा, ''राहुल गांधी एकमात्र ऐसे बेबाक नेता हैं जो राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बात खुलकर और आक्रामक ढंग से रखते हैं। जबसे उन्होंने (अध्यक्ष पद से) इस्तीफा दिया है तबसे उनकी (एक बेबाक नेता के तौर पर) कमी लोगों को महसूस हो रही है।''

एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, ''मेरी राहुल गांधी से आने वाले समय में जब भी मुलाकात होगी तो मैं उनसे फिर से कांग्रेस अध्यक्ष बनने का आग्रह करूंगा।''

यह पूछे जाने पर कि क्या 14 दिसंबर की रैली या फिर दिल्ली चुनाव के बाद राहुल फिर से कांग्रेस की कमान संभाल सकते हैं तो उन्होंने कहा, " इस बारे में कुछ नहीं कह सकता।"

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद राहुल ने इसी साल अगस्त में कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ दिया था। इसके बाद से वह अपने बयानों में उस आक्रामक अंदाज में नहीं दिख रहे जैसे वह बतौर कांग्रेस अध्यक्ष दिखते थे।

झारखंड में कांग्रेस के स्टार प्रचारक के तौर पर प्रचार अभियान में जुटे बघेल ने उम्मीद जताई कि इस चुनाव में झामुमो-कांग्रेस गठबंधन बड़ी जीत दर्ज करेगा। उन्होंने कहा, ''जमीन पर साफ दिख रहा है कि झारखंड के लोग भाजपा को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुके हैं। मुझे उम्मीद है कि यह गठबंधन दो-तिहाई बहुमत हासिल करेगा।"

"सेंट्रल पूल'' में धान खरीद के मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर बघेल ने कहा, ''हम केंद्र सरकार से कोई पैसा नहीं मांग रहे हैं। हम सिर्फ यह कह रहे हैं कि आपने किसानों को बोनस देने की स्थिति में धान नहीं खरीदने की जो शर्त लगाई है उसमें ढील दीजिए।''

उन्होंने कहा, '' उनकी तरफ से राहत नहीं मिलने पर भी हम किसानों से 2500 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से ही धान की खरीद करेंगे।" आगामी 17 दिसंबर को मुख्यमंत्री के तौर पर एक साल पूरा करने जा रहे बघेल ने अपनी सरकार के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा, '' हमने किसानों के लिए काम किया है। आर्थिक मंदी का राज्य पर असर नहीं है। युवाओं के लिए हमारी सरकार ने योजना बनाई है। हम छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर अग्रसर रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।''

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सोनिया गांधी और राहुल 

आपको बता दें कि अगले कुछ महीनों में कांग्रेस का अधिवेशन होने वाला है जिसमें पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की जाएगी।

एक सूत्र ने बताया कि उस सम्मेलन में राहुल गांधी की वापसी को लेकर आवाज उठेगी क्योंकि पार्टी के युवा नेताओं ने इसकी योजना बनाई है।

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पार्टी संगठन में राहुल गांधी को प्रोन्नति करने की मांग पहली बार अखिल भारतीय कांग्रेस कमेर्टी के हैदराबाद अधिवेशन में 2006 में उठी थी जहां उत्तर प्रदेश के पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके पक्ष में नारे बुलंद किए थे और 2007 में उनको पार्टी का महासचिव बनाया गया। उसके बाद उनको उपाध्यक्ष बनाने की मांग 2013 में जयपुर अधिवेशन में उठी।

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