उन्नाव : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उन्नाव जाकर आग के हवाले की गई बलात्कार पीड़िता की मौत के बाद उसके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान उनके साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी एवं कांग्रेसी मौजूद रहे।

प्रियंका ने दुष्कर्म पीड़िता के परिवार से 20 मिनट तक बातचीत की।परिजनों ने प्रियंका गांधी को बताया कि आरोपी एक साल से उनके पूरे परिवार को प्रताड़ित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, "उन्नाव में जिस तरह माखी की घटना और अब दुष्कर्म पीड़िता की मौत हुई है, उससे साफ है कि उन्नाव में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।" पीड़िता के पिता ने प्रियंका गांधी को आपबीती सुनाई और कहा कि एक साल से परिवार पर अत्याचार किया जाता रहा है।

उन्होंने कहा, "मैंने यह भी सुना है कि दोषियों का भाजपा से संबंध है। राज्य में अपराधियों में कोई डर नहीं है।"

प्रियंका ने कहा, "प्रदेश की भाजपा सरकार में महिला उत्पीड़न की घटना बढ़ रही है। दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिवार को बराबर धमकी मिल रही थी, लेकिन पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया।"

उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री इस सवाल का जवाब दें कि आखिर प्रदेश में महिलाओं का क्या स्थान है। माखी और कल जिस तरह से एक और बेटी की मौत हुई है, उसने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।"

कांग्रेस महासचिव ने राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि राज्य में अपराधियों की कोई जगह नहीं है, लेकिन मुझे तो लगता है कि यहां महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं है। प्रशासन को बताना पड़ेगा कि ऐसा क्यों हो रहा है।"

उन्नाव पीड़िता की भाभी ने बताया, "प्रियंका ने कहा कि वह हमारे साथ न्याय के लिए लड़ेंगी। हमारी एकमात्र मांग है कि दोषियों को फांसी दी जाए, तभी मेरी ननद की आत्मा को शांति मिलेगी।"

इससे पहले, प्रियंका ने ट्वीट किया "मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि वह उन्नाव पीड़िता के परिवार को दुख की इस घड़ी में हिम्मत दे।" उन्होंने कहा, ‘‘यह हम सबकी नाकामयाबी है कि हम उसे न्याय नहीं दे पाए। सामाजिक तौर पर हम सब दोषी हैं, लेकिन यह उत्तर प्रदेश में खोखली हो चुकी कानून व्यवस्था को भी दिखाता है।''

प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘‘उन्नाव की पिछली घटना को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पीड़िता को तत्काल सुरक्षा क्यों नहीं दी? जिस अधिकारी ने प्राथमिकी दर्ज करने से मना किया, उस पर क्या कार्रवाई हुई? उत्तर प्रदेश में रोज-रोज महिलाओं पर जो अत्याचार हो रहा है, उसे रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है ?"

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उल्लेखनीय है कि उन्नाव जिले के बिहार थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 23 वर्षीय बलात्कार पीड़िता को गुरुवार तड़के रास्ते में पांच लोगों ने आग के हवाले कर दिया था। आरोपियों में से दो के खिलाफ पीड़िता ने बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया था। करीब 90 प्रतिशत तक झुलस चुकी युवती को एयर एम्बुलेंस के जरिए दिल्ली लाया गया था और वहां अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां शुक्रवार देर रात करीब 11:30 बजे उसकी मौत हो गई।