भाजपा सांसद का दावा , 40 हजार करोड़ बचाने के लिए फडणवीस बने थे तीन दिन के सीएम

पूर्व सीएम फडणवीस, राज्यपाल कोश्यारी, एनसीपी नेता अजित पवार (फाइल फोटो) - Sakshi Samachar

मुंबई : महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के साथ मिलकर सरकार बनाने पर एक तरफ विपक्ष जहां तंज कर रहा है, वहीं अब भाजपा के ही नेता अलग-अलग दावे कर रहे हैं। भाजपा सांसद अनंत कुमार हेगेड़े ने कहा है कि सिर्फ केंद्र के 40 हजार करोड़ रुपये बचाने के लिए ही देवेंद्र फडणवीस ने बहुमत नहीं होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

उत्तर कन्नड़ (कर्नाटक) से भाजपा सांसद अनंत कुमार हेगेड़े ने रविवार को एक कार्यक्रम में कहा कि बिना बहुमत के देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री सिर्फ इसलिए बनाया था, जिससे वह केंद्र के 40 हजार करोड़ रुपये वापस कर सकें।

हेगड़े ने मुख्यमंत्री के तौर पर फडणवीस के दूसरी बार शपथ लेने के महज 80 घंटों बाद इस्तीफा देने को ‘नाटक' बताते हुए कहा कि यह इसलिए किया गया कि विकास कार्यों के लिए दी गई निधि की ‘रक्षा' की जा सके।

उत्तर कन्नड़ जिले में येल्लापुर में उपचुनाव के लिए प्रचार अभियान के दौरान शनिवार को एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री के नियंत्रण में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि थी। अगर राकांपा, कांग्रेस और शिवसेना सत्ता में आती तो निश्चित तौर पर 40,000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल विकास कार्य के लिए नहीं किया जाता और इसका दुरुपयोग किया जाता।''

भाजपा नेता ने कन्नड़ भाषा में कहा, ‘‘यह पहले ही तय था। जब हमें पता चला कि तीनों पार्टियां सरकार बना रही हैं तो यह नाटक रचने का फैसला किया गया। इसलिए बंदोबस्त किया गया और फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई जिसके बाद 15 घंटों के भीतर फडणवीस ने पैसे को वही पहुंचा दिया जहां उसे जाना चाहिए था और उसे बचा लिया।'' उन्होंने कहा, ‘‘पूरा पैसा केंद्र सरकार को वापस दे दिया गया वर्ना “अगले मुख्यमंत्री ने...आप जानते हैं कि क्या किया होता।”

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आपको बता दें कि राज्य में बहुमत नहीं होने के बावजूद भाजपा ने एनसीपी नेता अजित पवार के समर्थन पत्र को देखते हुए सरकार बनाई थी और देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री के तौर पर दोबारा शपथ ली थी। हालांकि यह सरकार महज तीन दिन ही चली और फडणवीस ने बहुमत के अभाव में इस्तीफा दे दिया था।

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