मुंबई : कांग्रेस के विधायक नाना पटोले को महाराष्ट्र विधानसभा का अध्यक्ष चुन लिया गया है। भाजपा प्रत्याशी किसन कथोरे के नाम वापस लेने के बाद नाना पटोले का विधानसभा अध्यक्ष चुना जाना तय माना जा रहा था। रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में यह निर्णय लिया गया है।

भाजपा ने कहा कि सभी दलों की मांग को देखते हुए पार्टी ने यह फैसला किया है। इस तरह नाना पटोले निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुन लिए गए।

नाना पटोले विदर्भ के सकोली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। महाराष्ट्र में यह परंपरा है कि स्पीकर का चुनाव निर्विरोध होता है। पटोले और कथोरे, दोनों ही चौथी बार विधायक चुने गये हैं।

उल्लेखनीय है कि पटोले कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गये थे और उन्होंने भाजपा के टिकट पर 2014 का लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। हालांकि, पटोले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मतभेदों के बाद दिसंबर 2017 में भाजपा छोड़ दी थी और कांग्रेस में लौट आये।

यह भी पढ़ें :

कुर्सी संभालते ही उद्धव ने बदला फडणवीस का यह फैसला

उद्धव सरकार ने पास किया फ्लोर टेस्ट, 169 विधायकों का मिला समर्थन

कथोरे 2002 में ठाणे जिला परिषद अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। वह 2004 में ठाणे जिले के अंबरनाथ से पहली बार राकांपा के टिकट पर विधायक बने थे। उन्होंने मुरबाद सीट से 2009,2014 और 2019 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की। उन्होंने 2014 और 2019 का चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ा था।

गौरतलब है कि राकांपा विधायक दिलीप वाल्से पाटिल शुक्रवार को विधानसभा का अस्थायी अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) नियुक्त किये गये। उन्हें भाजपा विधायक कालिदार कोलांबकर की जगह नियुक्त किया गया, जिन्हें इस हफ्ते की शुरूआत में इस पर नियुक्त किया गया था। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उन्हें ‘महाराष्ट्र विकास आघाडी' गठबंधन का नेता चुना गया था।