नई दिल्ली : बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञासिंह ठाकुर ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। साध्वी प्रज्ञा ने यह बयान संसद में दिया है। दरअसल उन्होंने लोकसभा में बुधवार को नाथूराम गोडसे को 'देशभक्त' करार दिया है। साध्वी प्रज्ञा के इस बयान के बाद कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया है।

दरअसल यह घटना तब घटी जब एक बहस के दौरान लोकसभा में द्रमुक सांसद ए. राजा ने एसपीजी संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान नकारात्मक मानसिकता को लेकर गोडसे का उदाहरण दिया। इसके विरोध में प्रज्ञा ने खड़े होकर कहा, 'देशभक्तों का उदाहरण मत दीजिए।' इसके बाद कांग्रेस सांसदों ने इसका पुरजोर विरोध किया। प्रज्ञा ठाकुर के विवादित बयान के बाद जब विपक्ष ने विरोध जताना शुरू किया तो भाजपा सांसदों ने ही उन्हें बैठने के लिए कहा।

राजा ने कहा कि गोडसे ने खुद स्वीकार किया था कि पिछले 32 साल से गांधी के खिलाफ द्वेष पाले हुए था और इसी वजह से उसने उनकी हत्या की। उन्होंने कहा कि गोडसे ने गांधी को इसलिए मारा क्योंकि वह विशेष विचारधारा में विश्वास रखता था।

बीजेपी सांसदों नें प्रज्ञा से की बैठने की गुजारिश

प्रज्ञा ठाकुर के विवादित बयान के बाद जब विपक्ष ने विरोध जताना शुरू किया तो भाजपा सांसदों ने ही उन्हें बैठने के लिए कहा। हलांकि सदन की कार्यवाही के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रज्ञा ठाकुर की उस बयान को खारिज कर दिया।

प्रज्ञा बोलीं- गुरूवार को देंगे जवाब

अपनी टिप्पणी स्पष्ट करने के लिए पूछे जाने पर, ठाकुर ने बाद में कहा कि वह गुरुवार को जवाब देंगे।संसद के बाहर पत्रकारों से मुखातिब होने पर उन्होंने कहा, "पहली बात सुनो, मैं कल जवाब दूंगी।"

पहले भी दे चुकी हैं विवादित बयान

मालेगांव धमाकों के आरोपी ठाकुर ने वर्तमान में जमानत पर बाहर हो गए थे, जब उन्होंने भोपाल लोल सभा सीट के लिए अपने अभियान के दौरान इसी तरह की टिप्पणी की थी।साध्वी प्रज्ञा ने "नाथूराम गोडसे एक देशभक्त है, और देशभक्त रहेगा"।

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पीएम ने कहा था उन्हे कभी माफ नहीं कर पाएंगे पीएम

उनके इस बयान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि वह विवादित बयान के लिए उन्हें कभी माफ नहीं कर पाएंगे।

शहीद अधिकारी करकरे को लेकर भी दिया था विवादित बयान

आईपीएस अधिकारी करकरे की 26/11 हमले के दौरान मौत हो गई, क्योंकि उसने उसे प्रताड़ित करने के लिए उसे "श्राप" दिया था, यह कहकर उसने एक तूफान को मार दिया था।

बता दें कि पिछले हफ्ते ही रक्षा मामले से जुड़ी संसदीय समिति में उनका नाम आने पर भी विवाद खड़ा हो गया था।