नई दिल्ली/मुंबई : महाराष्ट्र में शिवसेना और कांग्रेस-एनसीपी की मिलीजुली सरकार बनना लगभग तय है। सरकार के गठन को लेकर दिल्ली में पिछले चार दिनों से सियासी सरगर्मियों के बाद शुक्रवार को मुंबई में तीनों दलों की बैठक में फैसले का औपचारिक ऐलान हो सकता है।

इससे पहले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने बेटे आदित्य के साथ देर रात एनसीपी प्रमुख शरद पवार के घर पहुंचे थे। पवार के घर पर शिवसेना सांसद संजय राउत और एनसीपी नेता अजित पवार भी मौजूद थे। यह मुलाकात दक्षिणी मुंबई स्थित पवार के निवास ‘सिल्वर ओक' पर हुई। पवार के नयी दिल्ली से यहाँ शाम को लौटने के बाद ठाकरे उनसे मिलने पहुंचे। बैठक ऐसे वक्त हुई जब कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने नयी दिल्ली में कहा कि उनकी पार्टी और राकांपा के बीच महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर सभी मुद्दों पर पूरी सहमति है और अब वह गठबंधन की संरचना को पूर्णरूप देने के लिए शिवसेना से बातचीत करेंगे।

चव्हाण ने कहा कि आगे की बातचीत अब मुंबई में होगी जहाँ कांग्रेस और राकांपा अपने सहयोगी दलों से बात करेंगे। सूत्रों ने बताया कि तीनों दलों द्वारा राज्य में सरकार बनाने की घोषणा शुक्रवार को की जा सकती है। शिवसेना के एक नेता ने कहा कि शुक्रवार को उद्धव ठाकरे पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक को संबोधित करेंगे।

तय हो चुका सत्ता में भागीदारी का फॉर्मूला

सूत्रों के अनुसार तीनों दलों के बीच सत्ता में भागीदारी का ‘फॉर्मूला’ तय हो चुका है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री हो सकते हैं और कांग्रेस-एनसीपी की तरफ से बाला साहेब थोराट तथा अजित पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। मंत्रिमंडल में 45 मंत्री होंगे, जिनमें शिवसेना और एनसीपी के 15-15 और कांग्रेस को 12 मंत्री पद दिए जाएंगे।

तय फॉर्मूले के अनुसार मुख्यमंत्री भले ही शिवसेना का होगा, लेकिन महत्वपूर्ण और मलाईदार विभाग कांग्रेस-एनसीपी के पास ही रहेंगे। अजित पवार के पास गृह मंत्रालय, जयंत पाटिल के पास वित्त मंत्रालय और छगन भुजबल के पास पीडब्ल्यूडी विभाग रहेगा, जबकि कांग्रेस के थोराट को राजस्व मंत्रालय दिया जाएगा।

आदित्य ठाकरे बन सकते हैं शिक्षा मंत्री

चुनावी राजनीति में कदम रखने वाले उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे को शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि तीनों दलों में ‘चार विधायकों पर एक मंत्री’ का फॉर्मूला बनाया गया है। शिवसेना को 56 विधायकों पर 15, एनसीपी को 54 विधायकों पर 15 और कांग्रेस को 44 विधायकों पर 12 मंत्री पद मिलेंगे।

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शिवसेना सूत्रों की मानें तो उद्धव मुख्यमंत्री पद के लिए अंतिम रूप से मन नहीं बना पाए हैं। उन्हें मंत्रालयों के कामकाज का प्रत्यक्ष अनुभव नहीं है। मगर कांग्रेस-एनसीपी ने उन्हें साफ कर दिया कि उनके नेता आदित्य ठाकरे के नेतृत्व में काम नहीं करेंगे। शुक्रवार को उद्धव अपने पत्ते खोलेंगे।

आपको बता दें कि शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी के गठबंधन का नाम महाविकास अघाड़ी होगा। कांग्रेस-एनसीपी को पहले महाशिव अघाड़ी के नाम पर आपत्ति थी इसलिए इसका नाम बदला गया है।