नई दिल्ली : महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी सियासी गतिरोध जल्द खत्म होने का कोई संकेत नहीं है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक हो रही कवायद का अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है। एनसीपी चीफ पवार की कांग्रेस के साथ मंगलवार को दिल्ली में होने वाली बैठक रद्द हो गई थी।

अब बैठक बुधवार होगी। इसमें पवार के अलावा प्रफुल्ल पटेल और अजीत पवार रहेंगे। जबकि कांग्रेस से अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल, मल्लिकार्जुन खरगे, पृथ्वीराज चव्हाण, अशोक चव्हाण शामिल होंगे।

दूसरी ओर, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को पार्टी विधायकों से मुलाकात की। उन्होंने 22 नवंबर को पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई है। हालांकि एनसीपी नेता नवाब मलिक ने उम्मीद जताई है कि कांग्रेस के साथ बुधवार को होने वाली बैठक में शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने पर चर्चा हो सकती है।

इस बीच, शिवसेना ने एक समय अपनी सहयोगी रही भाजपा की तुलना 13वीं सदी के हमलावर मोहम्मद गौरी से की जिसने पृथ्वीराज चौहान की हत्या कर दी थी जबकि चौहान ने कई बार उसकी जान बख्श दी थी।

दिल्ली में शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि महराष्ट्र में अगले महीने की शुरुआत में शिवसेना के नेतृत्व में सरकार बन जाएगी जो स्थिर सरकार होगी। राउत ने कहा कि सरकार गठन को लेकर शिवसेना में कोई भ्रम नहीं है, लेकिन मीडिया भ्रम फैला रहा है।

उधर, शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना' में तल्ख तेवरों में लिखे संपादकीय में कहा कि वह भाजपा को उखाड़ फेंकेगी जिसने उसे चुनौती देने की जुर्रत की है। उसने यह भी दावा किया कि सत्तारूढ दल के ‘नेता बच्चे थे' जब शिवसेना के सहयोग से राजग बना था।

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गत 24 अक्टूबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से सरकार गठन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही और फिर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया। चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला था, लेकिन ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद पर शिवसेना के दावे के बाद दोनों के रास्ते अलग हो गए।