जेल में बंद ये दंबग MLA लड़ेगा विधायक का चुनाव, अपने भाभी से की है शादी  

संजीव सिंह दो साल से जेल में सजा काट रहा है। - Sakshi Samachar

रांची (धनबाद) : दो साल से निवर्तमान विधायक संजीव सिंह को चुनाव लड़ने की इजाजत मिल गई है। इस बाबत उनके वकील ने कोर्ट में याचिका दाखिल किया था। बता दें कि संजीव सिंह पर अपने भाई और शहर के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या का आरोप है।

बता दें कि कोर्ट ने संजीव को 25 नवंबर तक अपना नॉमिनेशन फाइल की परमिशन दे दी है। इसके साथ ही डिस्ट्रिक्ट एवं सेशन जज अलोक कुमार दुबे ने उनको नामांकन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और समर्थकों पर काबू रखने का भी आदेश दिया है। कोर्ट ने धनबाद जेल प्रबंधन को उन्हें कड़ी सुरक्षा में नामांकन करने का निर्देश दिया है।

बीजेपी ने संजीव सिंह का टिकट काटकर उनकी पत्नी को अपना उम्मीदवार बनाया है।

संजीव की पत्नी रागिनी को बीजेपी ने बनाया उम्मीदवार

रविवार के दिन बीजेपी के कार्यकारी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने झारखंड की पहली 52 उम्‍मीदवारों के नामों की लिस्ट जारी की थी। जिसमें संजीव सिंह का टिकट काटकर उनकी जगह पर उनकी ही पत्नी रागिनी को झरिया से उम्मीदवार बनाया है।

संजीव ने अपने  भाई की हत्या के बाद रागिनी से शादी कर ली थी। 

भाई की मौत के बाद भाभी से कर ली शादी

मिली जानकारी के अनुसार संजीव सिंह ने अपने बड़े भाई राजीव रंजन सिंह की हत्या के बाद अपनी भाभी रागिनी से 2013 में कोर्ट मैरिज की थी। संजीव सिंह धनबाद जिले के झरिया से बीजेपी के विधायक हैं। उन्होंने दिसंबर 2014 में भाजपा की टिकट पर इस सीट से जीत हासिल की थी। उनके पिता सूर्य देव सिंह धनबाद में कोल किंग के नाम से मशहूर थे। वहीं, मां कुंती सिंह भी झरिया की विधायक रह चुकी हैं।

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पत्नी ने इसी सीट से लड़ेगी चुनाव

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संजीव सिंह का चुनाव लड़ना एक तरह की उनकी एक रणनीती बताई जा रही है। क्योंकि वह जिस सीट से चुनाव का पर्चा भरेंगे वहां से उनकी पत्नी रागिनी भी उम्मीदवार हैं। उनका मानना है कि अगर तकनीकी समस्या के कारण अगर उनकी पत्नी का नामांकन रद्द हो गया तो बैकअप वह खुद निर्दलीय नामांकन पर्चा दाखिल करेंगे। जिसको वह बाद में वापस भी ले सकते हैं।

चुनाव पंडितो की मानें तो झरिया के मुकाबले को दिलचस्प मानते हैं। उनका कहना है कि हार जीत किसी की हो लेकिन लोगों की भी यह देखना दिलचस्प होगा कि एक ही परिवार के तीन लोग एक दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। जिनमें से दो तो पति-पत्नी हैं। वहीं तीसरी उम्मीदवार पूर्णिमा सिंह है जो कि कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। पूर्णिमा संजीव की भाभी हैं।

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