मुंबई/नई दिल्ली : महाराष्ट्र में बनेगी सरकार या फिर लगेगा राष्ट्रपति शासन, यह आज तय हो सकता है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को आज रात आठ बजे तक बहुमत सिद्ध करने का मौका दिया है। कांग्रेस और एनसीपी में बैठकों का दौर सोमवार से लगातार जारी है।

इससे पहले शिवसेना ने सोमवार को दावा किया कि महाराष्ट्र में भाजपा के बिना उसकी सरकार का समर्थन करने के लिए एनसीपी और कांग्रेस ‘सैद्धांतिक समर्थन' देने पर सहमत हो गई हैं, लेकिन वह राज्यपाल द्वारा तय समयसीमा के पहले इन दलों से समर्थन पत्र नहीं ले सकी। राज्यपाल ने तीन दिन की और मोहलत देने के शिवसेना के अनुरोध को ठुकरा दिया।

सरकार गठन के लिए गतिरोध 18वें दिन भी जारी रहा और राष्ट्रपति शासन के आसार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस वैचारिक रूप से अपनी प्रतिद्वंद्वी शिवसेना के साथ समझौते का कोई फैसला जल्दबाजी में लेती प्रतीत नहीं हुई और उसने शिवसेना को समर्थन देने के मुद्दे पर चुनाव पूर्व की अपनी सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ आगे और बातचीत करने का फैसला किया है।

शिवसेना को मिला सोमवार शाम साढ़े सात बजे तक का समय समाप्त होते ही राज्यपाल कोश्यारी ने सोमवार रात को ही राकांपा को न्योता दिया और पूछा कि क्या वह ‘‘सरकार बनाने की इच्छा और क्षमता'' प्रदर्शित करना चाहती है। राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा कि राकांपा अपने सहयोगी दल कांग्रेस के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेगी और वे मंगलवार रात 8:30 बजे तक कोश्यारी से मिलेंगे।

पाटिल ने कहा, ‘‘प्रक्रिया के अनुसार राज्यपाल ने महाराष्ट्र में तीसरा सबसे बड़ा दल होने के नाते हमें एक पत्र दिया है और हमने उन्हें सुझाव दिया है कि हमें अपने सहयोगी दल से बात करनी होगी। हमने उन्हें आश्वासन दिया है कि हम जल्द से जल्द उनके पास लौटेंगे।'' राकांपा विधायक दल के नेता अजीत पवार और पार्टी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल तथा धनंजय मुंडे भी पाटिल के साथ इस मौके पर थे।

राज्यपाल ने रविवार रात शिवसेना को न्योता देकर उनसे पूछा था कि क्या वह सरकार बनाने की इच्छा और क्षमता जाहिर करना चाहते हैं। गौरतलब है कि उसके कुछ ही घंटे पहले शिवसेना के गठबंधन सहयोगी और सबसे बड़ी पार्टी भाजपा ने सरकार बनाने का दावा पेश करने से इंकार कर दिया था।

राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 105 सदस्यों के बाद 56 विधायकों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना के पास सरकार बनाने का दावा करने के लिए सोमवार शाम साढ़े सात बजे तक का समय था। इससे पहले दिन में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राकांपा प्रमुख शरद पवार से भेंट की और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। राकांपा के 54 विधायक हैं और कांग्रेस के 44 विधायक हैं।