मुंबई : महाराष्ट्र की राजनीति में आखिरकार यह अब लगभग तय हो गया है कि शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के सहयोग से राज्य में सरकार बनाएगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सोनिया गांधी से बात करने के बाद सभी कांग्रेसी विधायक शिवसेना को समर्थन देने को तैयार हो गए हैं।

शिवसेना के नेताओं ने सोमवार की शाम को राजभवन में जाकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। एकनाथ शिंदे और आदित्य ठाकरे ने राज्यपाल से मुलाकात करके सरकार बनाने के लिए समय मांगा है।

राज्यपाल से मुलाकात करते शिवसेना के नेता
राज्यपाल से मुलाकात करते शिवसेना के नेता

वैसे खबर यह भी है कि कांग्रेस ने अभी तक समर्थन की चिट्ठी जारी नहीं की है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस अपने सहयोगी दल एनसीपी से और अधिक चर्चा करना चाहती है।

उद्धव ठाकरे ने सोनिया गांधी को किया फोन

इससे पहले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से फोन पर बात की और उनसे महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए उनकी पार्टी का समर्थन मांगा। शिवसेना को समर्थन देने के मुद्दे पर कांग्रेस की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक से पहले ठाकरे ने सोनिया गांधी से फोन पर बात की।

सूत्रों ने बताया कि शिवसेना ने महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए कांग्रेस का समर्थन मांगा। शिवसेना महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय सदन में दूसरी बड़ी पार्टी है जिसके 56 विधायक हैं। भाजपा के 105 विधायक है। कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के क्रमश: 44 और 54 विधायक है।

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शिवसेना को सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए सोमवार की शाम साढ़े सात बजे तक का समय दिया गया है। ठाकरे ने मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार से भी मुलाकात की। कांग्रेस महाराष्ट्र के नेताओं के साथ पार्टी के शीर्ष नेताओं की बैठक में इस संबंध में अंतिम फैसला कर सकती है कि शिवसेना को समर्थन देना है या नहीं।