देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, शिवसेना के दावे को बताया गलत

राज्यपाल को इस्तीफा सौंपते देवेंद्र फडणवीस - Sakshi Samachar

मुंबई : महाराष्ट्र में राजनीतिक उठापटक के बीच शुक्रवार को देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। फडणवीस ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से राजभवन में मुलाकात की और अपना इस्तीफा उन्हें सौंपा। राज्यपाल ने देवेंद्र फडणवीस का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

इस्तीफा देने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने पत्रकारों से बात करते हुए शिवसेना के उस दावे को गलत बताया, जिसमें ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री बनने की बात कही गई थी। फडणवीस ने कहा कि मेरे सामने कभी ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री की कोई बात नहीं हुई थी।

महाराष्ट्र में 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के एक पखवाड़े बाद भी सरकार गठन पर कोई सहमति नहीं बनी है।

भाजपा और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री के पद को लेकर रस्साकशी के कारण उनके पास संयुक्त रूप से 161 विधायकों के साथ बहुमत से अधिक का आंकड़ा होने के बावजूद सरकार गठन पर गतिरोध बना हुआ है।

महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय सदन में बहुमत का आंकड़ा 145 है। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 105 सीट, शिवसेना ने 56, राकांपा ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीट जीती है।

दूसरी तरफ महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार गठन पर गतिरोध जारी रहने के बीच राकांपा प्रमुख शरद पवार ने शुक्रवार को पूछा कि राज्यपाल सबसे बड़े दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित क्यों नहीं कर रहे हैं।

पवार ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि क्यों राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी भाजपा को सरकार गठन का दावा जताने के लिए आमंत्रित नहीं कर रहे हैं जो 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनाव में 105 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है।

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने महाराष्ट्र में सरकार गठन पर गतिरोध खत्म करने के वास्ते शुक्रवार को यहां पवार से ‘‘उनकी सलाह मांगने'' के लिए मुलाकात की। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में पवार ने अठावले के जरिए भाजपा और शिवसेना को उन्हें मिले ‘‘स्पष्ट बहुमत'' का सम्मान करने की सलाह दी।

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राकांपा नेता ने कहा कि राष्ट्रपति या राज्यपाल कब तक इंतजार कर सकते हैं। उन्हें जल्द ही कोई फैसला लेना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सलाह है कि आपके (भाजपा और शिवसेना) पास जनादेश है। आप इसका सम्मान करें।''

अठावले ने कहा, ‘‘मेरे पवार साहब से वर्षों से करीबी संबंध रहे हैं। मैं यहां उनकी सलाह लेने के लिए आया हूं। उनकी राय है कि शिवसेना और भाजपा को सरकार बनानी चाहिए। उन्होंने मुझे दोनों पार्टियों को सरकार बनाने की सलाह देने के लिए कहा है।''

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