नई दिल्ली : महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम के 13 दिन बाद भी राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर असमंजस बरकरार है। भाजपा और शिवसेना में जहां सीएम पद को लेकर पेंच फंसा है, वहीं कांग्रेस-एनसीपी सावधानीपूर्वक आगे बढ़ रही है।

गुरुवार का दिन सियासी हलचल भरा रहा। एक तरफ जहां भाजपा ने राज्यपाल से मुलाकात की, वहीं शिवसेना ने भाजपा को सरकार बनाने की चुनौती दी। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि अगर भाजपा के पास नंबर हैं तो वह सरकार बनाए। अगर आपके पास नंबर नहीं हैं तो इसे स्वीकार कीजिए। संविधान इस देश के नागरिकों के लिए हैं, उनकी (भाजपा) निजी जागीर नहीं है। हमें संविधान के बारे में अच्छी तरह से पता है। महाराष्ट्र का सीएम हम बनाएंगे।

इससे पहले महाराष्ट्र भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि जनता ने भाजपा-शिवसेना 'महायुति' को बहुमत दिया है। सरकार बनाने में देरी हो रही है, अब तक सरकार बन जानी चाहिए थी। हम राज्य में कानूनी विकल्पों और राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए राज्यपाल से मिले। हम आलाकमान से चर्चा कर आगे की रणनीति तय करेंगे।

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वहीं दूसरी तरफ शिवसेना के नवनिर्वाचित विधायकों की मातोश्री (शिवसेना मुख्यालय) में हो रही बैठक खत्म हो गई है। सूत्रों के अनुसार, विधायकों ने उद्धव ठाकरे पर फैसला छोड़ दिया है।

बैठक के बाद शिवसेना विधायक गुलाबराव पाटिल ने कहा कि हम अगले दो दिनों के लिए होटल में रुकेंगे। हम वही करेंगे जो उद्धव ठाकरे करने के लिए कहेंगे। शिवसेना अपने विधायकों को रंगशारदा होटल लेकर जा रही है। उसे आशंका है कि विधायकों को तोड़ा जा सकता है।