मुंबई : भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के रिस्ते आपस में सुलझते नजर नहीं आ रहे हैं। यह खींचातान और चलेगी। इसी बीच संजय राउत ने कहा कि 5 नवंबर के बाद ही सरकार बनाने पर बात होगी।

शिवसेना ने शनिवार को आगाह करते हुए कहा कि राष्ट्रपति देश का संवैधानिक प्रमुख है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा राष्ट्रपति या राज्यपाल के कार्यालय का दुरुपयोग करने का कोई भी प्रयास 'देश के लिए खतरा' है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने शुक्रवार को कहा था कि यदि महाराष्ट्र में 7 नवंबर तक सरकार नहीं बनती है, तो ऐसी स्थिति में राज्य में राष्ट्रपति शासन लग सकता है।

भाजपा नेता पर निशाना साधते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि राज्य के राजनीतिक संकट में राष्ट्रपति कार्यालय को इस तरह से घसीटना 'अनुचित और गलत' है।

राउत ने कहा, "राष्ट्रपति देश का संवैधानिक प्रमुख है.. वह किसी की जेब में नहीं है। इस तरह की धमकी देना जनता के जनादेश का अपमान है।"

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उन्होंने कहा कि ना तो कोई भी 'मराठी मानूस' मुनगंटीवार के बयान से सहमत है और न ही शिवसेना को इस तरह की धमकियों से रोका जा सकता है।

उन्होंने दोहराया कि शिवसेना अपने गठबंधन की प्रतिबद्धताओं को भाजपा के साथ 'अंतिम क्षण तक' सम्मान देगी। लेकिन इसके बाद 'रूको और देखो' की नीति को नहीं अपनाया जाएगा।