मुंबई : राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने शुक्रवार को कहा कि जनता ने उनकी पार्टी से विपक्ष में बैठने के लिए कहा है और पार्टी ऐसा ही करेगी। शिवसेना की राकांपा और कांग्रेस के समर्थन से महाराष्ट्र में सरकार बनाने की संभावना की खबरों के बीच पवार ने यह टिप्पणी की। उन्होंने नासिक में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री पद के बंटवारे को लेकर भाजपा और उसके सहयोगी दल शिवसेना के बीच चल रहे गतिरोध को ‘‘बचकाना'' बताया।

21 अक्टूबर को हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने वाली भाजपा और शिवसेना ने क्रमशः 105 और 56 सीटें जीतीं। राकांपा और कांग्रेस ने क्रमशः 54 और 44 सीटें हासिल की हैं। राकांपा और कांग्रेस के समर्थन से शिवसेना की सरकार बनने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि इस संबंध में उनकी पार्टी में कोई चर्चा नहीं हुई है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। जनता ने हमें विपक्ष में बैठने को कहा है। हम उस जनादेश को स्वीकार करते हैं और ध्यान रखेंगे कि हम उस भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाएं।'' शिवसेना इस बात पर जोर दे रही है कि ढाई-ढाई साल में भाजपा और उसके मुख्यमंत्री बारी बारी से बनें। भाजपा ऐसी व्यवस्था को लागू करने की इच्छुक नहीं है।

विजेता दलों का जिक्र करते हुए पवार ने कहा, “लोगों ने उन्हें सरकार बनाने का मौका दिया है। उन्हें इसका इस्तेमाल करना ही चाहिए। लेकिन अभी जो चल रहा है, वह मेरी राय में बचकाना है।”

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इससे साफ हो गया है कि शिवसेना को अगर सरकार में रहना है या खुद की सरकार बनाना है तो उसे फिलहाल राकांपा या कांग्रेस का सहयोग नहीं मिलने वाला है। ऐसी स्थिति में वह केवल भाजपा की बातें मानकर उसी के साथ सरकार बनाना होगा। लगभग यही स्थिति भाजपा की भी है। इसीलिए दोनों दल एक दूसरे पर भरपूर दबाव बनाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं।