हैदराबाद : चारु मजूमदार शतजयंती सम्मेलन भव्य रूप से मनाया गया। चारु मजूमदार शतजयंती कमेटी की ओर रविवार को बागलिंगमपल्ली स्थित सुंदरय्या विज्ञान केंद्र में आयोजित किया गया। वक्ताओँ ने 'भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन में चारु मजूदार की भूमिका' विषय पर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये।

इस अवसर पर डॉ श्रीनिवास, प्रो हरगोपाल, सीएसार प्रसाद, प्रो सुब्बाराव, डॉ विजय कुमार, पाणी, वाईजी कल्याणराव, एन रवि और अन्य ने अपने विचार व्यक्त किये। वक्ताओं ने कहा कि चारु मजूदार की नीति आज भी देश और संसार के श्रमिकों और खेतिहर मजदूरों के लिए आवश्यक है। चारु मजूदार सिद्धांत को लागू किये बिना समाजवाद स्थापित नहीं होगा।

सीएसार प्रसाद
सीएसार प्रसाद

उन्होंने कहा कि देश ने समाज के हित के बारे में सोचना बंद कर दिया है। हमारी सरकारें केवल पूंजीवाद को पाल पोसकर बड़ा कर रही है। बीजेपी की नीति साम्राजवाद देशों के इशारों पर टिकी है।

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वक्ताओं ने कहा कि हमारी मीडिया झूठ बोल रही है। नेता कोर्ट के निर्देश और आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। कश्मीर में संविधान का उल्लंघन किया गया है। केसीआर और मोदी अदालत के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। बीजेपी के नेता प्रोपोगंडा के माध्यम से दहशत फैला रहे हैं। दलित और मुस्मिल समुदाय के लोगों की बेहरमी से मौत के घाट उतार रही है।

प्रो. हरगोपाल
प्रो. हरगोपाल

वक्ताओं ने कहा कि बीजेपी के पास कोई आर्थिक नीति नहीं है। परिणामस्वरूम देश की आर्थिक नीति चरमरा गई है। बीजेपी के पास केवल सांप्रदायिकता फैलाने की नीति मात्र है।

सम्मेलन में उपस्थित जन समूह
सम्मेलन में उपस्थित जन समूह

उन्होंने कहा जब तक चारु मजूमदार के सुझाव के अनुसार भूमि और संपदा का समान विरतण नहीं किया जाता, तब तक देश की गरीबी नहीं मिटेगी। यह चारु मजूदार की कृषि क्रांति के बिना यह संभव नहीं है। चारु मजूमदार की नीति से ही देश की गरीबी को मिटा सकती है।

साथ ही वक्ताओं ने चारु मजूमदार के जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही उनके सशस्त्र संघर्ष के सिद्धांत की वर्तमान समय में किस लिए जरूरी इस पर भी अपने विचार रखे। इस सम्मेलन में नगरद्वय के अनेक क्रांतिकारी लेखक, कवि, साहित्यकार और छात्र उपस्थित थे।