मुंबई : महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुनावी जंग लगातार तीखी होती जा रही है। इस बीच सत्तारूढ़ सहयोगी दल शिवसेना ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के लिए गुपचुप महिला मतदाताओं को लुभाने में जुटी हुई है।

लोकसभा चुनाव के बाद रणनीति के तहत पार्टी ने राज्य के 25 जिलों में महिलाओं का तीन दिवसीय सम्मेलन प्रथम ताई (महिला प्रथम) आयोजित कर 20 महिला नेताओं को चुना।

परभणी जिले में लॉन्च सम्मेलन के अंतर्गत 25 जिलों में महिला नेताओं ने मतदाताओं समेत लगभग पांच लाख महिलाओं से सशक्तिकरण और महिलाओं के मुद्दों पर संवाद किया।

पार्टी के एक नेता ने आईएएनएस से कहा कि प्रथम ताई के कई विचार तीन महीने पहले हुई शिवसेना के युवा नेता आदित्य ठाकरे की प्रदेशव्यापी जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान उठाए गए।

नाम गोपनीय रखने की शर्त पर नेता ने कहा, "उन्होंने मुख्य रूप से पांच 'एस' पर फोकस किया, जिन पर पार्टी पहले से ही कई सालों से काम कर रही थी। ये एस महिलाओं के लिए शिक्षा, सुरक्षा, समता, स्वास्थ्य और स्वावलंबन हैं।"

महिला केंद्रित अभियान में इन महिला केंद्रित मुद्दों पर जोर दिया गया। इसमें हमेशा महिलाओं के अधिकारों का समर्थन करने वाले शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बाला साहेब ठाकरे का विजन भी शामिल था।

शिवसेना की महिला इकाई से निकाली गईं 20 महिलाओं को विभिन्न जिलों में लघु सम्मेलन आयोजित करने के लिए बाद में चार-चार महिलाओं के पांच समूहों में बांट दिया गया। उन्होंने पिछले महीने ही अभियान में पांच लाख महिलाओं से संवाद करने का दावा किया।

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इन महिलाओं में मुंबई की पूर्व मेयर शुभा राउल, मुंबई महिला विभाग संघटक की किशोरी पेडणेकर, शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी, महिला आर्थिक विकास महामंडल अध्यक्ष ज्योति ठाकरे और ब्रह्नमुंबई म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन विधि समिति की अध्यक्ष शीतल म्हात्रे और अन्य महिलाएं हैं।

इस कार्यक्रम को मिल रहीं प्रतिक्रियाओं ने पार्टी नेतृत्व को शिवसेना के चुनावी घोषणापत्र में महिलाओं को शामिल करने के लिए प्रेरित किया। शिवसेना का घोषणा पत्र पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने पिछले सप्ताहांत जारी किया था।

महाराष्ट्र में कुल 8,73,30,484 मतदाताओं में 4,57,02,579 पुरुष, 4,16,25,819 महिलाएं तथा 2,086 ट्रांसजेंडर हैं।