कांग्रेस को छोड़ भाजपा में आ गयीं रत्ना सिंह, प्रियंका व राजा भैया को करारा झटका

रत्ना सिंह व प्रियंका गांधी (डिजाइन फोटो) - Sakshi Samachar

प्रतापगढ़ : उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लग सकता है। प्रतापगढ़ की पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता राजकुमारी रत्ना सिंह अपने समर्थकों के साथ आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गयी हैं। कहा जा रहा है कि इससे भाजपा एक तीर सो दो निशाने साध लेगी। एक तो प्रतापगढ़ में कांग्रेस का किला ढह जाएगा, वहीं राजा भैया को प्रतापगढ़ में चुनौती देने वाला राजपूत नेता मिल गया है।

प्रतापगढ़ से तीन बार कांग्रेस की सांसद रहीं राजकुमारी रत्ना सिंह मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गईं। इस दौरान राजकुमारी के साथ उनके सैकड़ों समर्थक भी भाजपा में शामिल हो गए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतापगढ़ के गड़वारा बाजार में सदर सीट पर हो रहे उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी राजकुमार पाल के समर्थन में जनसभा करने आए हैं। योगी आदित्यनाथ ने राजकुमारी को भाजपा की पट्टी पहनाकर पार्टी में शामिल कराया।

इस दौरान मंच पर अपना दल(एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल, कैबिनेट मंत्री मोती सिंह, स्वामी प्रसाद मौर्या तथा प्रतापगढ़ के सांसद संगम लाल गुप्ता मौजूद रहे।

अभी हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहीं राजकुमारी रत्ना सिंह के समर्थन में पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रचार किया था, लेकिन उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था।

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इसके पहले अमेठी के डॉ. संजय सिंह पत्नी अमीता सिंह के साथ भाजपा में शामिल हो चुके हैं। रायबरेली सदर से विधायक अदिति सिंह कांग्रेस के खिलाफ हो चुकी हैं। रायबरेली के हरचंदपुर से कांग्रेस विधायक राकेश सिंह लगातार बगावती बयान दे रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

राजा भैया व रत्ना सिंह

ज्ञात हो कि राजा दिनेश सिंह प्रतापगढ़ से चार बार और उनकी पुत्री राजकुमारी रत्ना सिंह तीन बार 1996, 1999 और 2009 में सांसद रह चुकी हैं। रत्ना सिंह का परिवार शुरू से ही कांग्रेसी रहा है। इनके परिवार में रामपाल सिंह कांग्रेस के संस्थापक सदस्य थे। पिता राजा दिनेश सिंह कांग्रेस की सरकार में विदेश मंत्री रहे। वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के बहुत करीबी थे। इसके चलते नेहरू-गांधी परिवार उनको बहुत महत्व देता था। बिना सांसद रहे भी उन्हें मंत्री बनाया गया था। अचानक राजकुमारी रत्ना के कांग्रेस से नाता तोड़ने के फैसले पर प्रदेश कांग्रेस हतप्रभ है।

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