बलिया (उप्र) कांग्रेस के पूर्व सांसद राजेश मिश्रा ने पार्टी को देश के मौजूदा राजनैतिक परिवेश में आत्ममंथन की सलाह देते हुए महासचिव प्रियंका गांधी के सलाहकार का दायित्व निर्वहन करने से इंकार कर दिया है । वाराणसी से कांग्रेस के सांसद रहे तथा लोकसभा के विगत चुनाव में सलेमपुर सीट से पार्टी प्रत्याशी रहे वरिष्ठ नेता राजेश मिश्रा ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने अपने फैसले से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के कार्यालय को अवगत करा दिया है।

उन्होंने लखनऊ कैंट सीट के प्रभारी के कार्य निर्वहन से भी मना कर दिया है। सलाहकार का पद निर्वाह न करने को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह प्रियंका को सलाह देने की स्थिति में नही हैं। उनको जो समझ में आया, उसके अनुसार उन्होंने यह कदम उठाया है। यह पूछे जाने पर कि क्या उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की नवगठित कार्यकारिणी से खिन्न होकर उन्होंने यह कदम उठाया है, मिश्रा ने कहा कि बहुत सी चीजें गलत हैं, लेकिन यह दल का अंदरूनी मामला है।

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अगर पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी या महासचिव प्रियंका गांधी उन्हें बुलाकर बात करेंगे तब वह उनके सामने सारी बातें रखेंगे। पूर्व सांसद ने कांग्रेस को देश के मौजूदा राजनैतिक परिस्थितियों में आत्ममंथन की सलाह दी ताकि पार्टी की स्थिति दुरुस्त हो सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश के मौजूदा राजनैतिक परिस्थितियों के मद्देनजर जो करना चाहिए, वह नहीं कर पा रही है। कांग्रेस को मौजूदा हालात से उबारने के लिये मेहनत की जानी चाहिए तथा पार्टी के लोगों का मनोबल बढ़ाने वाला कदम उठाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जमीनी, निष्ठावान, मेहनती तथा विशुद्ध कांग्रेसी लोगों को आगे बढ़ाना चाहिये। पार्टी की अनुशासन समिति, दल के वरिष्ठ नेताओं तथा दल के राज्य प्रभारियों को पार्टी नेताओं की अनावश्यक बयानबाजी का संज्ञान लेकर स्थिति को सामान्य करने के लिये कदम उठाना चाहिए। मालूम हो कि राजेश मिश्रा को उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नवगठित इकाई में सलाहकार परिषद का सदस्य बनाया गया था। इस परिषद को पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को दल के विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं को लेकर सलाह देनी थी।