लखनऊ : उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा है कि वह सभी को साथ लेकर चलेंगे और पार्टी जन मुद्दों को लेकर सड़क पर संघर्ष करेगी। अजय ने सोमवार रात 'भाषा' से बातचीत में कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता जनता के मन में पार्टी के प्रति नजरिए में बदलाव लाना है। इसके लिए पार्टी अवाम से जुड़े मुद्दों को लेकर सदन से सड़क तक संघर्ष करेगी।

तमकुही राज सीट से दो बार विधायक चुने जा चुके अजय ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर सभी को साथ लेकर चलेंगे और पार्टी संगठन को मजबूत करने पर भी उनका खास ध्यान रहेगा।

मालूम हो कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस संगठन में बहुप्रतीक्षित बदलाव के तहत विधायक और कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू को सोमवार देर रात दल का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

इसके अलावा चार उपाध्यक्षों, 12 महासचिवों तथा 24 सचिवों की भी नियुक्ति की गई है। पिछली कमेटी की अपेक्षा नई कमेटी करीब 10 गुना छोटी है। पिछली प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जहां 500 पदाधिकारी थे वहीं इस बार यह संख्या 41 है। नई कमेटी के हर पदाधिकारी की खास जिम्मेदारी और जबाबदेही पहले से तय है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जहाँ युवाओं को कमान मिली है।

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वहीं, 18 वरिष्ठ नेताओं की सलाहकार समिति भी गठित की गई है जिसकी अध्यक्षता स्वयं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी करेंगी। इसके अतिरिक्त 8 सदस्यीय एक रणनीति ग्रुप भी बनाया गया है जिसमें अनुभवी नेताओं को रखा गया है।

कांग्रेस हाई कमान ने उत्तर प्रदेश में अपना भरोसा नौजवानों पर जताया है। साथ ही साथ वरिष्ठ नेताओं को भी स्थान दिया है। नयी कमेटी में जातीय समावेशी फार्मूले को साधा गया है। कमेटी में लगभग 45 फीसदी पिछड़ी जातियों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। दलित आबादी को करीब 20 फीसदी का नेतृत्व दिया गया है। इस नेतृत्व में अन्य जातियों को भी मौका मिला है।

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कमेटी में मुस्लिम नेतृत्व करीब 15 फीसदी है। जिसमें पसमांदा मुस्लिम कयादत पर भी जोर दिया गया है। नई कांग्रेस कमेटी में लगभग 20 फीसदी सवर्ण जातियों का प्रतिनिधित्व है। कांग्रेस ने जातीय समीकरण को समावेशी जातीय प्रतिनिधित्व के फार्मूले से साधने की कोशिश की है। कमेटी में महिलाओं को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है।