नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो गुरुवार को यहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा आयोजित एक समारोह में शामिल होने के लिए आए थे। जादवपुर विश्वविद्यालय में अपने दौरे के दौरान उन्हें छात्रों के एक समूहों के विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा।

जैसे ही बाबुल यूनिवर्सिटी कैम्पस में पहुंचे, नारेबाजी कर रहे कुछ वामपंथी छात्रों ने उन्हें घेर लिया और उन्हें वहां से चले जाने को कहा।

वह के.पी.बासु मेमोरियल हॉल में पहुंचे थे जहां फ्रेशर्स के स्वागत पर एक कार्यक्रम का आयोजन होना था।

आसनसोल के सांसद जैसे ही वहां पहुंचे, छात्रों ने 'बाबुल सुप्रियो वापस जाओ, वापस जाओ' के नारे लगाने शुरू कर दिए।

लाल झंडा लिए छात्रों ने बाबुल के साथ धक्का-मुक्की की। उनके कपड़े फाड़ दिए गए। यहां तक कि एक छात्र को उनके बाल खींचते हुए भी देखा गया, लेकिन इतना कुछ होने के बाद भी बाबुल ने वहां से जाने से मना कर दिया। स्थिति ऐसी थी कि विश्वविद्यालय के कुलपति सुरंजन दास को किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोकने के लिए मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।

कुलपति ने छात्रों संग बात करने की कोशिश की और बाबुल से अपने कक्ष में जाने का अनुरोध किया। हालांकि बाबुल और विद्यार्थियों के बीच तर्क-वितर्क जारी रहा।

सुप्रियो ने कहा, "आप लोग मुझे भड़काना चाह रहे हैं, हंगामा कर रहे हैं। लेकिन, आप मुझे बाहर नहीं कर सकते। जब तक आप शांत नहीं हो जाते, मैं नहीं जाऊंगा।"

फैशन डिजाइनर और भाजपा नेत्री अग्निमित्रा पॉल भी बाबुल संग इस समारोह में भाग लेने आई थीं और उन्हें भी इस विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा।