नई दिल्ली : कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनने के बाद सोनिया गांधी पहली बार पार्टी के महासचिवों और विभिन्न राज्यों के पार्टी प्रभारियों के साथ शुक्रवार को बैठक करने जा रही हैं। कांग्रेस मुख्यालय में प्रस्तावित इस बैठक में देश में इस साल के अंत तक होने जा रहे चार राज्यों के विधानसभा चुनाव की तैयारियों और पार्टी को चुस्त-दुरुस्त करने को लेकर विस्तार से चर्चा होने की पूरी संभावना है।

सूत्रों की मानें, तो बैठक में कश्मीर में धारा 370 को हटाए जाने और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर भी पार्टी नेताओं के साथ चर्चा हो सकती है। इस बैठक में विभिन्न राज्यों के पार्टी प्रभारियों से राज्यों में संगठन को मजबूत बनाने के लिए उनकी कार्यशैली पर चर्चा करने के अलावा सोनिया गांधी पार्टी प्रदेश प्रभारियों से भाजपा की नेतृत्व वाली केंद्र की मोदी सरकार को घेरने की रणनीति भी तैयार कर सकती हैं।

दिल्ली, झारखंड, हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत होने जा रहे इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस पार्टी ने जहां हरियाणा में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को विधान परिषद में नेता विपक्ष नियुक्त करने के अलावा चुनाव प्रबंधन समिति की जिम्मेदारी भी सौंपी है। हालांकि पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री शैलजा कुमार को हरियाणा प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया है।

उसी तरह, महाराष्ट्र की बात करें, तो कांग्रेस पार्टी यहां गठबंधन कर चुनाव लड़ने की तैयारी में है और उसी के तहत वा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ सीटों के बंटवारे पर चर्चा कर रही है, जबकि झारखंड में भी कांग्रेस पार्टी झारखंडज मुक्ति मोर्चा के साथ गठबंधन करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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दिल्ली में कांग्रेस पार्टी को अभी तक नया अध्यक्ष नहीं मिला है, जिसके बल पार्टी विधानसभा चुनाव में विरोधी पार्टियों को कड़ा टक्कर दे सके। गौरतलब है कि दिल्ली की निवर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित के निधन के बाद से यह पद रिक्त पड़ा है।