नई दिल्ली : असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) की फाइनल लिस्ट जारी कर दी गई है। इस लिस्ट के जारी होते ही दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी की तरफ से एक बड़ा बयान आया है। मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली में भी स्थिति खतरे से ऊपर जा रही है, यहां भी एनआरसी की काफी ज्यादा जरूरत है।

भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली में एनआरसी को जरूरी बताते हुए कहा, "मेरा मानना है कि दिल्ली में एनआरसी का होना काफी जरूरी है। मेरा पूरा विश्वास है कि जो लोग घुसपैठिए आए हैं और दिल्ली में बस रहे हैं, वो पूरे देश में सबसे ज्यादा खतरनाक हैं। उन पर भी एनआरसी की कार्रवाई होनी ही चाहिए। भाजपा की तरफ से हमारा यही मत है और समय मिलते ही हम इसको करके रहेंगे।"

आतंकवाद को पहुंचेगी चोट

असम एनआरसी पर मनोज तिवारी ने कहा कि जो लोग गलत तरीके से भारत में आए हैं उन्हें तो जाना ही होगा। लेकिन जो भी हमारे देश के किसी भी कोने का सदस्य अगर वहां रहता होगा तो उसे किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा, 'सरकार हर बार लोगों को अपनी नागरिकता साबित करने का मौका दे रही है। हमारे गृह मंत्रालय और असम सरकार ने एक ऐसी शुरुआत की है जिससे हम आतंकवाद को गहरी चोट पहुंचाएंगे। सिर्फ यही नहीं बल्कि जो लोग वेश बदलकर हमारे देश में अपराध करते हैं उस पर भी जीत पाने की स्थिति में हैं।"

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आपको बता दें कि असम में एनआरसी की फाइनल लिस्ट में असम में रहने वाले 19,06,657 लोगों को शामिल नहीं किया गया है। इन लोगों पर अब फॉरनर्स ट्रिब्यूनल द्वारा विदेशी घोषित किए जाने का खतरा मंडरा रहा है। NRC की फाइनल लिस्ट में 3,11,21,004 लोगों को योग्य पाया गया है।

नागरिकता साबित करने का दिया जाएगा मौका

जिन लोगों का नाम NRC की फाइनल लिस्ट में नहीं है, अब उनके पास फॉरनर्स ट्रिब्यूनल जाकर अपनी नागरिकता साबित करने का मौका है। यह अपील 120 दिनों के अंदर (यानी दिसंबर के अंत) तक की जा सकेगी। अगर कोई फॉरनर्स ट्रिब्यूनल में केस हार जाता है तो उसके पास हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी अपील करने का मौका होगा।