नई दिल्ली : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भले ही कश्मीर की जनता से न मिल पाए हों, लेकिन एक महिला ने उन तक अपनी बात पहुंचा दी। श्रीनगर के लिए रवाना होने से पूर्व राहुल गांधी को देखकर महिला के आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। इस पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

दरअसल, राहुल गांधी और विपक्ष के कई नेता जिस वक्त कश्मीर जाने के लिए फ्लाइट में बैठे थे, उसी दौरान एक महिला उनके पास आई और रोने लगी। महिला ने राहुल गांधी से अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उसका भाई हार्टपेसेंट है। वह कश्मीर में रहते हैं, पिछले दस दिन से वह गायब है। उसका कोई पता नहीं चल रहा है।

महिला ने बताया कि उसका भाई बच्चों के लिए दूध लेने निकला था। आज दस दिन हो गए, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला है। उसके बारे में कोई कुछ नहीं बता रहा है। महिला के आंसू देखकर राहुल गांधी भी खुद को नहीं रोक पाए और उसका हाथ पकड़कर ढांढस बंधाया।

राहुल गांधी ने शनिवार को विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल को कश्मीर का दौरा करने की अनुमति नहीं दिए जाने को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि इससे संकेत मिलता है कि घाटी में हालात सामान्य नहीं हैं।

राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों के 12 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को श्रीनगर हवाईअड्डे पर उतरते ही रोक लिया गया। उन्हें वापस दूसरी उड़ान से दिल्ली भेजे जाने तक हवाईअड्डा पर ही प्रतीक्षा करनी पड़ी। वे शाम 6.45 बजे वापस दिल्ली पहुंचे।

यह भी पढ़ें :

राहुल गांधी नहीं चाहते प्रियंका बनें कांग्रेस अध्यक्ष, यह है वजह

मोदी के समर्थन में खड़े हुए कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, जानिए क्यों कर रहे तारीफ

दिल्ली पहुंचने पर राहुल गांधी ने बताया कि कुछ दिनों पहले राज्यपाल ने उनको जम्मू-कश्मीर आने के लिए आमंत्रित किया था और उन्होंने उनके आमंत्रण को स्वीकार किया था। उन्होंने कहा, "हम लोगों का हालचाल लेना चाहते थे, लेकिन हमें हवाईअड्डे से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।"

कांग्रेस नेता ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा, "हमारे साथ जो प्रेस के लोग थे, उनके साथ बदसलूकी की गई और उनको पीटा गया। इससे जाहिर है कि जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य नहीं हैं।" राहुल गांधी के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल घाटी का दौरा कर हालात का जायजा लेना चाहता था। घाटी में पांच अगस्त से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पांच अगस्त को ही सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की घोषणा की थी।