नई दिल्ली : पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की हालत नाजुक बनी हुई है। पार्टी और विपक्ष के तमाम बड़े नेता लगातार एम्स में उन्हें देखने पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भूटान से लौटते ही रात आठ बजे अरुण जेटली का हालचाल जानने एम्स जाएंगे। बता दें कि अरुण जेटली को लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है।

इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और राम विलास पासवान सहित कई नेता पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए रविवार को एम्स गये। यहां स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 66 वर्षीय जेटली को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है। सांस लेने में परेशानी होने और बेचैनी महसूस होने के बाद उन्हें नौ अगस्त को अस्पताल में भर्ती किया गया था।

10 अगस्त से नहीं जारी किया गया बुलेटिन

हालांकि, एम्स ने उनके स्वास्थ्य के बारे में 10 अगस्त से कोई मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया है। उनके स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए हाल के दिनों में कई बड़े नेताओं ने अस्पताल का दौरा किया। सूत्रों ने बताया कि डॉक्टरों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है। उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए रविवार को अस्पताल जाने वालों में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्रा, आरएसएस संयुक्त महासचिव डॉ कृष्ण गोपाल और समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह भी शामिल हैं। वहीं, शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल समेत कई नेता अस्पताल गये थे।

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, बसपा प्रमुख एवं उत्तरप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन, कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी और ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ भी शनिवार को एम्स गये थे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जेटली के स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए शुक्रवार को एम्स पहुंचे थे।

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संकटमोचक की भूमिका में रहे जेटली

पेशे से वकील जेटली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में उनकी कैबिनेट का महत्वपूर्ण हिस्सा थे। उनके पास वित्त और रक्षा मंत्रालय का प्रभार था और सरकार के लिए वह संकटमोचक की भूमिका में रहे। खराब स्वास्थ्य के कारण जेटली ने 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा। पिछले साल 14 मई को एम्स में उनके गुर्दे का प्रतिरोपण हुआ था। उस समय रेल मंत्री पीयूष गोयल को उनके वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गयी थी। पिछले साल अप्रैल की शुरुआत से ही वह कार्यालय नहीं आ रहे थे और वापस 23 अगस्त 2018 को वित्त मंत्रालय आए। लंबे समय तक मधुमेह रहने से वजन बढ़ने के कारण सितंबर 2014 में उन्होंने बैरिएट्रिक सर्जरी करायी थी।