रोहतक : हरियाणा के पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। रोहतक के मेला ग्राउंड में एक रैली को संबोधित करते हुए हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस पहले वाली नहीं रही और अब भटक गई है। मैं यहां सारी चीजों से मुक्‍त होकर अपनी बात कहने आया हूं। उन्होंने हरियाणा में कांग्रेस से अलग होने का साफ संके‍त भी दे दिया है और कहा है आज खुद को अतीत से मुक्‍त करता हूं। मुझे नेताओं व रैली में मौजूद लोगों द्वारा कोई भी फैसला लेने का जो अधिकार दिया है उसके लिए मैं एक कमेटी का गठन करुंगा। कमेटी की सलाह पर इस बारे में कोई भी फैसला लूंगा।

रिटायर होना चाहता था, पर हरियाणा की हालत देख किया संघर्ष का फैसला

हुड्डा ने कहा, ‘’मैं 72 साल का हो गया हूं और रिटायर होना चाहता था, लेकिन हरियाणा की हालत देखकर संघर्ष का फैसला किया। उन्‍होंने कहा कि देशहित से ऊपर कुछ नहीं। जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद हटाने का हमारे (कांग्रेस) नेताओं ने विरोध किया, यह सही नहीं था। मैंने देशहि‍त के इस निर्णय का समर्थन किया। उन्‍होंने कहा, मेरे परिवार की चार पीढि़यों कांग्रेस से जुड़ी रही है। हमने कांग्रेस के लिए जीतोड़ मेहतन की, लेकिन अब कांग्रेस पहले वाली नहीं रही। अब यह बदल गई है।

अन्‍य नेताओं ने भी अपने संबोधन में कहा कि हुड्डा अब मजबूत फैसला करें, हम उसके साथ हैं। विधानसभा के पूर्व स्‍पीकर कुलदीप शर्मा ने कहा कि कांग्रेस कहां है। कमरों में बैठे कुछ नेता कांग्रेस की दशा नहीं बदल सकते। यदि कांग्रेस की हालत सुधरना था तो भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कमान देनी चाहिए थी।

विधायक करण सिंह दलाल ने गुटबाजी पर हमले

रैली को विधायक करण सिंह दलाल ने भी संबोधित किया। उन्‍होंने हरियाणा में गुटबाजी पर जमकर हमले किए। उन्‍होेंने कहा कि हम कोई भी जनहित के मुद्दे को उठाते थे हमारी पार्टी के नेता ही इसका विरोध किया। उन्‍होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मुखातिब होते हुए कहा, अब समय आ गया है कि हुड्डा जी आप फैसला करें। कांग्रेस आलाकमान से साफ बात करें कि वह आपके नेतृत्‍व में हरियाणा में कांग्रेस को एकजुट कर आगे की राह तय करे। अन्‍यथा, अलग राह चुनें और तय करें किे अलग पार्टी बनानी है या मंच, किसी दल से गठजोड़ करना है इस पर फैसला करें। आपके नेतृत्‍व में सभी आगे बढ़ने को तैयार है।

रैली स्‍थल पर नहीं दिखी सोनिया, राहुल गांधी फोटो

मेला ग्राउंड रैली के लिए बनाया गए पंडाल में काफी संख्‍या में हुड्डा समर्थक गुलाबी पगड़ी पहनकर बैठे हुए हैं। रैली स्‍थल पर कहीं भी कांग्रेस का झंडा नहीं लगे होने से कयासबाजी तेज हो गई है। कहीं भी सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी का फोटो व कांग्रेस का चुनाव चिन्ह नजर नहीं आ रहा है।