लखनऊ : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सोनभद्र पीड़ितों से दोबारा मिलने का वादा निभा दिया है। मंगलवार को वे सोनभद्र पहुंची और सोनभद्र के उम्भा गांव में उन 10 गोंड आदिवासियों के परिजन से मुलाकात की जो पिछले महीने 17 जुलाई को जमीन के विवाद को लेकर हुई गोलीबारी में मारे गये थे।

बता दें कि इससे पहले इस सामूहिक हत्याकांड के बाद प्रियंका मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने पहुंची थी, लेकिन 19 जुलाई को जा रहीं प्रियंका को मिर्जापुर जिला प्रशासन ने बीच में ही रोक लिया था। उनके धरने पर बैठने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। बाद में उन्हें चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया था। अगली सुबह गोलीकांड के पीड़ित कुछ परिवारों ने गेस्ट हाउस आकर प्रियंका से मुलाकात की थी।

बता दें कि सोनभद्र के घोरावल थाना क्षेत्र स्थित इलाके में 17 जुलाई को जमीन के एक टुकड़े को लेकर हुए संघर्ष में 10 ग्रामीणों की हत्या कर दी गई थी और 28 अन्य घायल हो गए थे।
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370 हटाने को लेकर कहा - जिस ढंग से हटाया गया असंवैधानिक

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद—370 को निरस्त किये जाने पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को कहा कि यह जिस ढंग से किया गया, वह पूरी तरह असंवैधानिक एवं लोकतंत्र के सिद्धांतों के विपरीत है । उम्भा गांव के दौरे पर आयीं प्रियंका ने 370 पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''इसे जिस ढंग से किया गया, वह पूरी तरह असंवैधानिक है और लोकतंत्र के सिद्धांतों के विपरीत है ।''

उन्होंने कहा कि जब ऐसे फैसले किये जाते हैं तो नियम कायदों का पालन करना होता है लेकिन ऐसा नहीं किया गया । प्रियंका ने कहा कि उनकी पार्टी संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करती आयी है ।

पत्रकारों के सवालों के जवाब में कांग्रेस महासचिव ने कहा कि हमारे यहां सिर्फ एक ही व्यक्ति की आवाज नहीं सुनी जाती है, जैसा भाजपा में होता है । कांग्रेस में सभी की आवाज सुनी जाती है, उस पर चर्चा होती है, तब कोई राय कायम होती है । इससे पहले वाराणसी पहुंचने प्रियंका ने टवीट किया, ''आज मैं सोनभद्र जा रहा हूं, जहां मैं उम्भा गांव के अपने भाइयों, बहनों और बच्चों से मिलूंगी । उनकी कुशल क्षेम जानूंगी ।''

प्रियंका ने कहा कि उम्भा में नरसंहार पीडित परिवारों से चुनार के किले में मुलाकात के दौरान उन्होंने वायदा किया था कि वह फिर मिलने आएंगी।