नई दिल्ली : 34 साल के सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल 17 वीं लोकसभा में पहली बार चुनकर संसद पहुंचे हैं। वे लद्दाख से सांसद है। हाल ही में संसद के अंदर उन्होंने अपनी एक स्पीच के जरिए सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरी हैं। संसद पहुचने सेे पहले जामयांग को राजनीति का कोई खास अनुभव नहीं था। यही नहीं 6 अगस्त से पहले सेरिंग नामग्याल को ट्विटर पर 4 हजार लोग फॉलो करते थे। वहीं फेसबुक पर 5 हजार से कम लोग उनके मित्र थे। लेकिन बीते मंगलवार की 6 तारीख को उनकी 20 मिनट की स्पीच ने उन्हें रातों -रात स्टार बना दिया है।

जामयांग के स्पीच की पीएम मोदी ने भी तारीफ की थी।
जामयांग के स्पीच की पीएम मोदी ने भी तारीफ की थी।

20 मिनट की स्पीच के बाद गूगल और ट्विटर पर ट्रेंड हुए नामग्याल

दरअसल 6 अगस्त को लोकसभा में अनुच्छेद 370 को हटाने को लेकर हुई बहस के दौरान नामग्याल अपनी स्पीच से गूगल और ट्वीटर पर ट्रेंड करने लगे। उनकी स्पीच से प्रभावित पीएम मोदी ने अपने ट्वीटर अकाउंट से इनकी स्पीच को शेयर किया और लोगों ने सुनने की अपील भी की। महज 24 घंटे के अंदर ही जेटीएन को ट्वीटर पर 1 लाख 29 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करने लगे। फेसबुक पर हजारों रिक्वेस्ट आने लगी। मजबूरी मं उन्हें कहना पड़ा अब और फ्रेंड रिक्वेस्ट ना भेजें, मुझे फेसबुक पर लाइक करें। जेटीएन को फेसबुक पेज पर भी 27 हजार लोगों ने लाइक किया है। जेटीएन की स्पीच को यूट्यूब पर ट्विटर पर 80 लाख से ज्यादा लोगों ने अब तक देख चुके हैं।

जामयांग की पत्नी लेह में प्रोफेसर हैं।
जामयांग की पत्नी लेह में प्रोफेसर हैं।

लद्दाख के माथो गांव में हुआ है जेटीएन का जन्म

जेटीएन का जन्म लद्दाख के माथों गांव में हुआ है। उनके पिता आर्मी की इंजीनियरिंग सर्विस में कारपेंटर थे। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज से बारहवीं कंप्लीट करने के बाद जेटीएन ने लामदोन मॉडल स्कूल में भोती ( लद्दाख की स्थानीय भाषा) पढाई फिर टीचिंग की जॉब छोड़कर जम्मू यूनिवर्सिटी से अपनी ग्रैजुएशन पूरी की है।

यहीं से जेटीएन में लीडरशीप स्किल निखरकर सामने आई। यूनिवर्सिटी में ऑल लद्दाख स्टूडेंट एसोसिएशन जम्मू के 2011 12 में वह दो साल प्रेसिडेंट रहे। जेटीएन की स्पीकिंग स्किल्स और शैली भी स्टूडेंट लीडर के तौर पर निखरती चली गई। लद्दाख में लोग उनके भाषणों को बहुत पसंद करते हैं। जेटीएन की पत्नी डॉ सोनम वांग्मों लेह में अस्टिटेंट प्रोफेसर हैं।