लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भले ही अपने विधायक कुलदीप सेंगर को पार्टी से निकाल दिया हो, पर सेंगर की धमक अब भी पार्टी में देखने को मिल रही है। शायद यही कारण है कि भाजपा के कुछ विधायक सेंगर का यशोगान गाते नजर आ रहे हैं।

उन्नाव दुष्कर्म कांड, पीड़िता व उसके परिवार के साथ हुए हादसे और इस मामले से जुड़े गवाहों को खत्म किए जाने के मुद्दे को लेकर जहां एक तरफ पूरा विपक्ष भाजपा के खिलाफ लामबंद है, वहीं दूसरी ओर भाजपा के विधायकों का सेंगर का यशोगान करना पार्टी और सरकार दोनों को असहज करने जैसा है।

भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने चौतरफा दबाव देखकर विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को भले ही पार्टी से पहले निलंबित, बाद में निष्कासित कर दिया हो, लेकिन पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के बीच अभी भी सेंगर का सिक्का चल रहा है।

उन्नाव नगर पंचायत गंजमुरादाबाद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रामनरेश कुशवाहा के शपथ ग्रहण समारोह में शुक्रवार को मल्लावां के विधायक आशीष ने सार्वजनिक मंच से कहा था, "आदरणीय कुलदीप सिंह सेंगर जिन कठिनाइयों के दौर से गुजर रहे हैं, वह आज हम सबके बीच नहीं हैं। यह समय का कालचक्र है। हम सबकी शुभकामनाएं उनके साथ हैं। हमें उम्मीद है कि वह इन कठिनाइयों से लड़कर हम सबके बीच हमारा नेतृत्व करने पहुंचेंगे।"

मंच पर लगाए गए पोस्टरों में भी कुलदीप सेंगर की तस्वीर थी। इस समारोह में सफीपुर के विधायक बंबालाल दिवाकर और भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीकांत कटियार भी मौजूद थे।

उधर, हरदोई के गोपामऊ से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की है। उनकी फेसबुक पोस्ट पर कमेंट्स की झड़ी लग गई। उन्होंने फेसबुक पर लिखा है, "देश में देशद्रोही और आतंकवादियों को 20 साल में सजा दी जाती है, किंतु सेंगर विधायक हैं, इसलिए 45 दिन में फांसी या आजन्म कारावास जरूरी।"

श्याम प्रकाश पहले भी अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा करते रहे हैं। इससे पहले वह योगी सरकार को सोशल मीडिया पर कई बार सत्ताधर्म का पाठ पढ़ा चुके हैं। वह अक्सर अपना दर्द बयां करते रहते हैं और सरकार को सत्ताधर्म निभाने का पाठ सोशल मीडिया पर पढ़ाते रहते हैं। उन्होंने भाजपा के 2018 में उपचुनाव हार जाने पर एक कविता लिखी थी जो काफी चर्चित हुई थी।

इस मामले में भाजपा की तरफ से हालांकि चुप्पी साध ली गई है। भाजपा मीडिया विभाग के संयोजक व प्रदेश महामंत्री विद्या सागर सोनकर ने इस पूरे मामले पर अनभिज्ञता जताई है और शहर से बाहर होने का हवाला दिया है। जबकि पीड़िता के साथ हुए हादसे के बाद यह मामला मीडिया में छाया हुआ है।

कांग्रेस नेता अजय सिंह उर्फ लल्लू ने इस पूरे मामले पर कहा, "भाजपा का चरित्र हमेशा दोहरा रहा है। इतनी बड़ी घटना हो गई। मुख्यमंत्री और भाजपा संगठन का कोई बड़ा नेता अभी तक पीड़िता से मिलने नहीं गया। सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से न्याय की कुछ आस जगी है। वरना इन लोगों की मंशा नहीं है कि डर का माहौल बनाने वालों को सजा मिले।"

उन्होंने कहा, "प्रदेश में जंगलराज कायम है। भाजपा विधायकों द्वारा सेंगर का यशोगान करना लाजिमी है, क्योंकि वे खुद भाजपा के संरक्षण में ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया करते हैं।"

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वहीं, समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा, "भाजपा का चाल, चरित्र जनता के सामने है। इनका हमेशा दोहरा तरीका रहता है। भाजपा के अंदर कोई संवेदना नहीं है। ऐसे संगीन मामलों में भी राजनीति करते हैं। अगर सुप्रीम कोर्ट संज्ञान न लेता तो ये आरोपी विधायक को निलंबित भी नहीं करते। इनकी कोशिश हमेशा आरोपी को बचाने की रही है।"

हाल यह है कि कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में उनके चाहने वाले फेसबुक पर खुद तो पोस्ट डाल ही रहे हैं, साथ ही अन्य लोगों से पोस्ट डालने की अपील कर रहे हैं। कुछ ने लिखा है कि 'सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं।' कुछ तो अपनी वाल पर सेंगर के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं, उसके त्याग की कहानियां भी सुना रहे हैं, लेकिन विधायक कुलदीप सेंगर और उसके भाई अतुल के काले कारनामों व आपराधिक पृष्ठभूमि का जिक्र नहीं कर रहे हैं।