नई दिल्ली : पंजाब कैबिनेट से इस्तीफा देने वाले नवजोत सिंह सिद्धू का दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनना लगभग तय है। बुधवार को नई दिल्ली में होने वाली कांग्रेस वर्किग कमेटी की बैठक में विचार-विमर्श के बाद इस फैसले पर मोहर लगने की संभावना है।

पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के साथ हुई बातचीत के बाद सिद्धू ने यह जिम्मेदारी निभाने के लिए हामी भर दी है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह की कैबिनेट से इस्तीफा देने के बाद नवजोत सिद्धू अपना ज्यादातर समय अमृतसर स्थित अपने घर में समर्थकों से मिलने-जुलने में बिता रहे हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक वह लगातार कांग्रेस से शीर्ष नेताओं के संपर्क में हैं।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस में शीला दीक्षित के देहांत के बाद पार्टी के सामने एक लोकप्रिय और ताकतवर नेता की तलाश में दिक्कतें आ रही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में हो रही देरी के कारण 4 महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर तो पड़ ही रहा है बल्कि वर्करों में अनिश्चितता का माहौल है।

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दिल्ली में अभी नए अध्यक्ष की दौड़ में पांच बार के सांसद अजय माकन, जेपी अग्रवाल, पूर्व विधानसभा स्पीकर सुभाष चोपड़ा के साथ अरविंदर सिंह लवली का नाम चल रहा है लेकिन कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व फिलहाल इन नामों पर एकराय नहीं हो पा रहा है। माकन पहले ही अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने नवजोत सिंह सिद्धू के साथ इस मसले पर विचार विमर्श किया है और बताया जा रहा है कि सिद्धू ने नई जिम्मेदारी संभालने के लिए हामी भर दी है।