लखनऊ : उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने रायबरेली में पिछले रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में ट्रक से हुई टक्कर के मामले में हत्याभियुक्त बनाये गये, उन्नाव से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बर्खास्त करने की मांग को लेकर लखनऊ में मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया।

धरने की अगुवाई कर रहे कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार 'लल्लू' ने कहा कि बलात्कार के बाद अब हत्या के मामले में भी अभियुक्त बनाये गये सेंगर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उन्हें भाजपा से भी बर्खास्त किया जाना चाहिये।

उन्होंने आरोप लगाया कि बलात्कार के मामले में तो पहले ही सीबीआई जांच चल रही है। अब रायबरेली में हुई दुर्घटना के मामले में भी सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी गयी है। ‘‘इसके बावजूद 'चाल और चरित्र' की बात करने वाली भाजपा ने आरोपी विधायक सेंगर को गले लगा रखा है। इससे यह पार्टी बेनकाब हो गयी है।''

इस बीच, बसपा अध्यक्ष मायावती ने 'ट्वीट' कर कहा ''स्थानीय भाजपा सांसद साक्षी महाराज द्वारा जेल में बलात्कार के आरोपी भाजपा विधायक से मिलना, यह प्रमाणित करता है कि सामूहिक बलात्कार के आरोपियों को लगातार सत्ताधारी भाजपा का संरक्षण मिल रहा है। यह इंसाफ का गला घोंटने जैसा है। उच्चतम न्यायालय को इसका संज्ञान जरूर लेना चाहिये।''

उधर रायबरेली में रविवार को हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल लड़की के परिजन ने मंगलवार को उसके चाचा की पेरोल की मांग को लेकर लखनऊ ट्रॉमा सेंटर के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू किया। इसी लड़की ने उन्नाव से विधायक कुलदीप सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाया है। ब

सपा प्रमुख मायावती ने इस धरना प्रदर्शन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा ''उन्नाव सामूहिक बलात्कार पीड़ित के परिवार के लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिये पीड़ित के चाचा को पेरोल पर रिहा नहीं होने देना अति-अमानवीय है, जो इस कांड में प्रदेश सरकार की मिलीभगत को साबित करता है। पेरोल की मांग को लेकर रिश्तेदार मेडिकल कॉलेज में धरने पर बैठे हैं। सरकार को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए।''

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी लखनऊ स्थित ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर पीड़िता का हाल लिया और उसके परिजन से मुलाकात की। उन्होंने कहा ‘‘आखिर परिवार का क्या गुनाह है ? सरकार को उसकी मांगें माननी चाहिये। क्या सरकार एक बेटी को न्याय नहीं दिला सकती? अगर पीड़िता और उसके वकील की मौत हुई तो कौन जिम्मेदार होगा? इस घटना के लिये भाजपा सरकार ही जिम्मेदार है। सपा पीड़ित परिवार के साथ है।''

गौरतलब है कि भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली लड़की, उसकी चाची पुष्पा और मौसी शीला अपने वकील महेंद्र के साथ रायबरेली जेल में बंद अपने रिश्तेदार महेश सिंह से रविवार को मुलाकात करने जा रही थी। रास्ते में रायबरेली के गुरबख्श गंज क्षेत्र में उनकी कार और एक ट्रक के बीच संदिग्ध परिस्थितियों में टक्कर हो गयी थी। इस घटना में घायल शीला (50) ने स्थानीय अस्पताल में दम तोड़ दिया था और पुष्पा (45) को लखनऊ स्थित ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था।

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घटना में घायल लड़की और वकील महेंद्र सिंह की हालत बेहद नाजुक है और वे दोनों ट्रॉमा सेंटर में वेंटिलेटर पर हैं। इस मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 नामजद तथा 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ सोमवार को हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। सरकार ने देर रात इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी।

पीड़िता ने वर्ष 2017 में उन्नाव से भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाया था। इस मामले में सेंगर को गिरफ्तार किया गया था। मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की गयी है और इस वक्त सेंगर जेल में हैं।