नई दिल्ली। तीन तलाक बिल लोकसभा में पास हो चुका है। अब सरकार इसे संसद के उच्च सदन में इस बिल को पास कराने की हर मुमकिन कोशिश में जुटी हुई है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि सरकार ने इस बिल को पास कराने की पूरी तैयारी कर ली है। इस बिल पर उसे बीजेडी का भी साथ मिलता दिखाई दे रहा है। वहीं दो अन्य दल टीआरएस और वाईएसआर कांग्रेस वोटिंग के दौरान सदन से वाकउट करने पर सहमत हो गए हैं।

कैसी है उच्च सदन में सरकार की तैयारी

सदन के मौजूदा हालात पर गौर करें तो सरकार के पास इस समय काफी कम संख्या बल है। फिर भी इस बिल को पास कराने का एक बेहद ही आसान रास्ता है। दरअसल अगर सपा और राजद के कुछ सदस्य आगे भी अनुपस्थित रहते हैं तो इसका सीधा फायदा सरकार को मिल सकता है। तीन तलाक बिल सोमवार को उच्च सदन में पेश किया जाएगा।

सरकार की ओर से दावा किया गया है कि तीन तलाक बिल पर सरकार के पास 116 सांसदों का समर्थन मौजूद है। बिल की राह को आसान करने के लिए सोमवार को राज्यसभा मे तीन दल वाकआउट करेंगे। यह बात मीडिया में सूत्रों के हवाले से सामने आई है। ये तीन दल जदयू, टीआरएस, वाईएसआर कांग्रेस हैं। इन तीनों दलों के 14 सदस्य वाकआउट करेंगे। इसके अलावा सपा-राजद के कम से कम तीन सदस्य वोटिंग के दौरान वाकआउट करेंगे।

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बता दें कि मौजूदा वक्त में उच्चसदन में सांसदों की कुल संख्या 240 है। ऐसे में अगर सरकार को किसी भी बिल को पास करना है तो उसे 121 सदस्यों का समर्थन प्राप्त होना चाहिए। अगर सरकार के दावे को मानें तो उसके पास कुल 116 सांसदों का समर्थ प्राप्त है। अगर जेडीयू, टीआरएस, वाईएसआर के 14 और राजद-सपा के तीन सदस्यों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लेते हैं तो सदन की शक्ति 223 रह जाएगी। इस लिहाज से से बिल पास कराने के लिए 223 में से केवल 112 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होगी जबकि सरकार के पास 116 सदसयों का समर्थन होगा और वह इस बिल को आसानी से संसद के उच्च सदन में पास करा लेगी।