नई दिल्ली : कर्नाटक का नाटक अब खत्म हो चुका है। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी विधानसभा में बहुमत साबित नहीं कर सके और सरकार गिर गई। वैसे यह पहली बार नहीं है, जब सत्ता के गलियारे में सरकार बनाने और बचाने को लेकर इतनी हलचल देखी गई। देश के राजनीतिक इतिहास में कई बार ऐसा मामला देखा गया है।

विश्वास मत हासिल न करने पर राज्य सरकार ही नहीं केंद्र सरकार भी गिरी हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार महज एक वोट की वजह से 1999 में गिर गई थी। आइए जानते हैं कब-कब ऐसा हुआ।

 बीएस येदियुरप्पा (फाइल फोटो)
बीएस येदियुरप्पा (फाइल फोटो)

छह दिन के लिए सीएम बने थे येदियुरप्पा

कर्नाटक में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन संख्या बल के आगे उसे भी झुकना पड़ा। भाजपा को 104 सीटें मिलीं, जबकि सरकार बनाने के लिए 113 विधायकों की जरूरत थी। जेडीएस और कांग्रेस ने हाथ मिला लिया, जिससे उनकी संख्या 115 पहुंच गई। सरकार गठन से पहले येदियुरप्पा शपथ ले चुके थे, लेकिन शक्ति परीक्षण से ठीक पहले इस्तीफा दे दिया।

10 दिन के सीएम बने थे शिबू सोरेन

झारखंड में ऐसा ही राजनीतिक संकट देखने को मिला था। झारखंड मुक्ति मोर्चा अध्यक्ष शिबू सोरेन साल 2005 में महज 10 दिन के लिए मुख्यमंत्री बने थे। भाजपा ने 81 में 30 सीट पर जीत दर्ज की थी। उस वक्त शिबू सोरेन की पार्टी को 17 सीटें मिली थी, उन्होंने कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार तो बनाई, लेकिन विश्वास मत हासिल नहीं कर सके।

यह भी पढ़ें :

कर्नाटक में गिरी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार, भाजपा के समर्थन में पड़े 105 वोट

कर्नाटक के बाद अब इस तरह होगी राजस्थान व मध्य प्रदेश की सरकार गिराने की तैयारी...!

पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी (फाइल फोटो)
पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी (फाइल फोटो)

एक वोट से गिरी थी वाजपेयी सरकार

साल 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार 13 महीने ही चल सकी थी और महज एक वोट की वजह से गिर गई। एनडीए सरकार को सदन में बहुमत साबित करने के लिए एक सांसद के वोट की दरकार थी, जो उन्हें नहीं मिला। ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री गिरधर गमांग ने सरकार के खिलाफ वोट किया था।