नई दिल्ली: कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी अपनी रणनीति में कामयाब होने के बाद अब अगला निशाना राजस्थान और मध्य प्रदेश को बनाने के मूड में दिख रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर कमलनाथ और अशोक गहलोत हो सकते हैं, क्योंकि इन दोनों राज्यों में भी मामूली सीटों के अंतर से कांग्रेस पार्टी सरकार बनाने में सफल हो गई थी।

कर्नाटक में कुमार स्वामी की सरकार गिरने के बाद ही अब इस तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं कि जल्द ही भारतीय जनता पार्टी के नेता और कुछ प्रमुख सदस्य मिशन राजस्थान और मिशन मध्य प्रदेश पर काम करना शुरू करेंगे और 2 राज्यों की सरकारों को जल्द से जल्द अस्थिर करके अपने पार्टी की सरकार बनाने में कामयाब हो सकती है।

कर्नाटक की सरकार गिरते ही भारतीय जनता पार्टी के नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का एक सनसनीखेज बयान आया जिससे यह कयास लगाया जाना लाजमी है कि राज्य में कमलनाथ की सरकार को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम मध्य प्रदेश में सरकार को गिराने के कोई काम नहीं करेंगे कांग्रेस सरकार को कांग्रेस के नेता ही खुद गिराएंगे। पार्टी के अंदर काफी कलह है और वह उसे गिराने के लिए काफी है। सरकार को बसपा का समर्थन हासिल है लेकिन मुश्किल है कि बसपा उसके साथ आगे भी खड़ी रहती नजर आए।

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हालांकि शिवराज सिंह के बयान पर कमलनाथ सरकार के मंत्री और कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ने हमारे लिए कुछ समस्याएं पैदा की हैं, लेकिन वह भूल गए हैं यहां कमलनाथ की सरकार है, कुमार स्वामी की नहीं । उन्हें इस सरकार को गिराने में सात जन्म लग जाएंगे।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव में हार के सदमे से अभी तक हुआ नहीं पाई है और वह सरकार को किसी तरह से अस्थिर करके अपनी सत्ता में वापसी करने की जी तोड़ कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं विधायकों को 50 करोड़ तक के प्रस्ताव देकर उनको खरीदने में जुटी हुई है।