अमृतसर : पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू आखिरकार मंगलवार को अपने समर्थकों से रूबरू हुए। सिद्धू मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से विवाद के बाद से करीब डेढ़ माह से मौन रहे और मीडिया व समर्थकों से दूर रहे। लेकिन वह मंगलवार को अपनी कोठी में बनाए गए कार्यालय में समर्थकों से मिले। सिद्धू ने अपने समर्थक पार्षदों के साथ की बैठक से मीडिया को दूर रखा।

सिद्धू हौली सिटी स्थित अपने आवास पर पूर्वी विधानसभा के पार्षदों व कुछ कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और सभी को जी जान से काम करने की बात कही। बताया जा रहा है कि बैठक में कुछ पार्षदों ने सिद्धू के सामने इस्तीफा देने की पेशकश भी की। हालांकि सिद्धू ने कहा कि वह किसी भी पार्षद व कार्यकर्ता को इस्तीफा नहीं देने देंगे। सिद्धू ने पार्षदों के साथ बैठक में स्पष्ट संकेत दिए की वह कांग्रेस से जुड़े हैं और पार्टी के साथ ही रहेंगें। उन्होंने सभी पार्षदों को अपने वार्ड में जाकर जनसंपर्क स्थापित करने की बात कही।

सिद्धू ने बैठक में जतिंदर सिंह मोती भाटिया, पार्षद मोनिका शर्मा के पति गिरीश शर्मा, दमनदीप सिंह, नवदीप हुंदल, हरपाल सिंह वेरका, जसविंदर लड्डू, राजिंदर सैनी, पार्षद अमनदीप के पति अमर सिंह, शविंदर शैली व जरनैल भुल्लर सहित पूर्वी विधान सभा के पार्षदों के साथ शहर में पार्टी की राजनीति पर भी चर्चा की।

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सिद्धू की बैठक में शामिल हुए एक पार्षद ने अपना नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि नगर निगम व नगर सुधार ट्रस्ट में उनके वार्डों के विकास की कई फाइल पेंडिंग है। इस बारे सिद्धू को जानकारी दी गई है। सिद्धू के अमृतसर में रहने से उन फाइलों को क्लियर करवाने में कोई रुकावट नहीं आएगी।

अपने राजनीतिक गुरु के साथ बैठक कर उत्साहित पार्षदों ने सिद्धू के निवास स्थान के खुले पार्क में खड़े होकर उनके साथ सेल्फी खींची। सिद्धू ने सभी पार्षदों व समर्थकों को समय दिया। नीले रंग का कमीज पाजामा व इसी रंग की दस्तार सजाए नवजोत सिद्धू के चेहरे पर थकान के चिह्न दिखाई दे रहे थे।