नई दिल्ली : एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर के एक हालिया बयान पर चुटकी ली है। प्रज्ञा ने रविवार को कहा था कि वह नाली एवं शौचालय साफ करने के लिए सांसद नहीं बनीं हैं।

भाजपा सांसद के इस बयान पर ओवैसी ने कहा कि वह अपने बयान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को चैलेंज कर रही हैं। प्रज्ञा का यह बयान इस सफाई अभियान के खिलाफ माना जा रहा है।

ओवैसी ने कहा कि वो प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान से आश्चर्यचकित नहीं हैं, न उन्हें धक्का लगा है। प्रज्ञा ठाकुर का बयान उनकी सोच का नतीजा है। प्रज्ञा सिंह ठाकुर भारत में जातियों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार में भरोसा करती हैं। यही नहीं उनके बयान से साफ है कि सफाई अभियान में कौन से लोग जुड़े होते हैं। उन्होंने पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को खुली चुनौती दी है। उन्होंने पूछा कि ऐसे कैसे न्यू इंडिया बनेगा?

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को देश भर में एक राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ की शुरुआत की थी। इसके तहत मोदी ने स्वयं झाड़ू उठाई थी। इसके बाद कई नेताओं, अभिनेताओं और जिलाधिकारियों सहित कई हस्तियों ने भी इस सफाई अभियान में भाग लिया।

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प्रज्ञा ठाकुर का सीहोर में बयान

प्रज्ञा ठाकुर ने सीहोर में कहा था, ‘आपको एक फोन नंबर सहजता से मिल गया और आपने लगा दिया। हम किस परिस्थिति में हैं? क्या कर रहे हैं? संसद सत्र के बाद उन चीजों को क्रियान्वित करने के लिए हम यहां रहेंगे। आपकी सुनेंगे। जो भी समस्या है हम वहां जाकर समाधान कराएंगे। जो धनराशि हमको मिलेगी, आप लोगों के लिए मिलती है, खर्च आप लोगों पर ही करना है। यही होना है ना। तो ध्यान रखो, हम नाली साफ करने के लिए नहीं बने हैं। ठीक है ना। हम आपके शौचालय साफ करने के लिए बिलकुल नहीं बनाये गए हैं। हम जिस काम के लिए बनाए गए हैं, वह काम हम ईमानदारी से करेंगे। यह हमारा पहले भी कहना था, आज भी कहना है और आगे भी कहेंगे।‘

इससे पहले वो नाथुराम गोडसे द्वारा महात्मा गांधी की हत्या को जायज बता चुकी हैं।ये बात अलग है कि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व का उनका बयान नागवार लगा था और उनसे सफाई मांगी गई थी। प्रज्ञा ने अपने बयान पर अफसोस जताते हुए कहा कि वो पार्टी की अनुशासित सिपाही हैं और पार्टी की नीतियों को ही मानती हैं।