मिर्जापुर : उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के हत्याकांड के शिकार हुए पीड़ित परिवारों के 12 सदस्यों ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मिर्जापुर स्थित चुनार गेस्ट हाउस परिसर में मुलाकात की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय राय ने बताया कि पीड़ित परिवारों के 12 सदस्यों ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से चुनार गेस्ट हाउस के परिसर में मुलाकात की है। प्रियंका गांधी शोकाकुल पीड़ित परिवार वालों के आंसू पोंछते और पानी पिलाते दिखीं। वह लगातार उन्हें सांत्वना दे रही थीं।

प्रियंका ने रात चुनार गेस्ट हाउस में ही गुजारी। उन्होंने सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों से मिले बिना लौटने के स्थानीय प्रशासन के अनुरोध को ठुकरा दिया। प्रियंका और अधिकारियों के बीच रात करीब 12:00 बजे से 1:15 बजे तक चली दूसरे दौर की बातचीत भी नाकाम रही और प्रियंका तथा उनके सैकड़ों समर्थक चुनार गेस्ट हाउस में ही डटे रहे।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी 20 घण्टे बाद भी चुनार के गेस्ट हाउस में हैं। प्रियंका बिना पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात किये वापस जाने को तैयार नहीं हैं।

प्रियंका गांधी ने साफ कर दिया कि वो नरसंहार पीड़ितों से मिले बगैर वापस नहीं लौटेंगी। प्रियंका गांधी ने कहा कि जब तक उन्हें सोनभद्र नहीं जाने दिया जाएगा तब तक वो पीछे नहीं हटेंगी। हिरासत लिए जाने के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि वो अकेले ही सोनभद्र जाने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने दिया जाए।

मिर्जापुर पुलिस ने शुक्रवार को उन्हें वहां जाने से रोक रखा है। इसके बाद प्रियंका गांधी पूरी रात चुनार गेस्टहाउस में रहीं। देर रात तक अफसरों का मिर्जापुर गेस्ट हाउस आनाजाना लगा रहा उन्हें मनाते रहे लेकिन प्रियंका गांधी ने भी साफ कर दिया कि वह नरसंहार पीड़ितों से मिले वगैर वापस नहीं लौटेंगी।

उन्होंने यह भी कहा कि वह पीड़ित परिवारों से मिलकर ही जाएंगी चाहे उन्हें भले ही जेल में डाल दिया जाए। प्रियंका ने ट्वीट कर कहा, ''मैं नरसंहार का दंश झेल रहे गरीब आदिवासियों से मिलने, उनकी व्यथा-कथा जानने आयी हूँ। जनता का सेवक होने के नाते यह मेरा धर्म है और नैतिक अधिकार भी। उनसे मिलने का मेरा निर्णय अडिग है।''

उन्होंने दावा किया, "उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा मुझे पिछले 9 घंटे से गिरफ़्तार करके चुनार किले में रखा हुआ है। प्रशासन कह रहा है कि मुझे 50,000 की जमानत देनी है अन्यथा मुझे 14 दिन के लिए जेल की सज़ा दी जाएगी, मगर वे मुझे सोनभद्र नहीं जाने देंगे ऐसा उन्हें ‘ऊपर से ऑर्डर है'।"

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ''मैंने न कोई क़ानून तोड़ा है न कोई अपराध किया है। मैंने सुबह से स्पष्ट किया था कि प्रशासन चाहे तो मैं अकेली उनके साथ पीड़ित परिवारों से मिलने आदिवासियों के गाँव जाने को तैयार हूँ या प्रशासन जिस तरीके से भी मुझे उनसे मिलाना चाहता है मैं तैयार हूँ। इसके बावजूद उप्र सरकार ने यह तमाशा किया हुआ है। जनता सब देख रही है।"

उन्होंने कहा, ''मैं इस संदर्भ में जमानत को अनैतिक मानती हूँ और इसके लिए तैयार नहीं हूँ। मेरी साफ माँग है कि मुझे पीड़ित आदिवासियों से मिलने दिया जाय। सरकार को जो उचित लगे वह करे।''

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प्रियंका ने यह भी कहा कि अगर सरकार पीड़ितों से मिलने के अपराध के लिए मुझे जेल में डालना चाहें तो मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार हूँ। उधर, कांग्रेस ने कुछ वीडियो जारी कर दावा किया है कि प्रियंका को जिस गेस्टहाउस में रखा गया है वहां की बिजली काट दी गयी है।

गौरतलब है कि प्रियंका को शुक्रवार को सोनभद्र जाने से प्रशासन ने रोक दिया। वह बुधवार को हुए इस सामूहिक हत्याकांड के पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहीं थी। प्रियंका प्रशासन के इस कदम के विरोध में धरने पर बैठ गईं।

बाद में उन्हें चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया। पिछले दिनों सोनभद्र में जमीन विवाद में एक ग्राम प्रधान ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर कथित रूप से दूसरे पक्ष पर गोलीबारी की जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।