सोनभद्र जा रहीं हिरासत में ली गई प्रियंका गांधी , वाराणसी में पीड़ितों से की मुलाकात 

पीड़ित परिवारों से मुलााकत करती हुईं प्रियंका गांधी  - Sakshi Samachar

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी शुक्रवार को सोनभद्र में हुए नरसंहार के पीड़ितों से मिलने जा रही थीं। इसी दौरान मिर्जापुर में जिला प्रशासन ने उन्हें हिरासत में ले लिया और उन्हें पास ही स्थित चुनार के एक गेस्ट हाउस ल जाया गया।

वाराणसी में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू)परिसर में स्थित ट्रामा सेंटर से प्रियंका का काफिला जैसे ही मिर्जापुर के रास्ते सोनभद्र के लिए रवाना हुआ, वैसे ही नारायणपुर के पास उनको रोक दिया गया। रोकने के विरोध में प्रियंका और कांग्रेसी नेता मौके पर ही धरने पर बैठ गए।

प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने के दौरान डीएम वाराणसी और एसएसपी वाराणसी मौके पर पहुंच गए। मिजार्पुर जिले के चुनार के एसडीएम प्रियंका को अपनी गाड़ी में बैठा कर चुनार ले गए। वहीं, अजय राय को सीओ अपनी गाड़ी में बैठा कर चुनार ले गए। प्रियंका गांधी और अजय राय को चुनार किले के गेस्ट हाउस में छोड़ दिया गया।

काफिला रोके जाने पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि वह बस सोनभद्र फायरिंग मामले में पीड़ितों के परिवारवालों से मिलना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि उनके साथ सिर्फ 4 लोग ही जाएंगे। फिर भी प्रशासन ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया। ऐसे में प्रियंका गांधी ने सवाल किया कि हमें क्यों रोका जा रहा है, इसका कारण बताया जाए? हम यहां शांति से बैठे रहेंगे।

इससे पहले, कांग्रेस महासचिव बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर पहुंची थी। उनके पहुंचने से पहले ट्रामा सेंटर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।


प्रियंका ने कहा कि, उन्होंने घायल दिनेश को देखा और उससे चोट लगने के बारे में पूछा, हालांकि दिनेश ने अपनी चोट नहीं दिखाई, जिसके बाद प्रियंका ने दिनेश के पिता से उसका हालचाल लिया और इलाज के बारे में पूछा।

उसके बाद प्रियंका ने घायल जयप्रकाश के पिता संतलाल को सांत्वना देते हुए कहा कि घबराइए मत, यह जल्द ही ठीक हो जाएगा। लेकिन, जैसे ही संतलाल ने अपनी घायल पत्नी सुखवंती की ओर इशारा किया वह भावुक हो गए।

प्रियंका ने घायलों को ढांढस देते हुए उनकी पूरी मदद करने की बात कही। इसके साथ ही प्रियंका ने घायल महेंद्र के भाई नंदलाल से भी हालचाल पूछा और इलाज के बारे में जानकारी ली।


इसके बाद सोनभद्र जाने के लिए उनका काफिला रवाना हुआ, लेकिन मिजार्पुर जिले के नारायणपुर में कमिश्नर मिजार्पुर के निर्देश पर प्रियंका गांधी का काफिला रोक दिया गया। इसके बाद वह नारायणपुर पुलिस चौकी के सामने ही सड़क पर धरने पर बैठ गई।

गौरतलब है कि सोनभद्र जिले के घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में भूमि विवाद को लेकर हुई गोलीबारी के बाद खुफिया एजेंसी से जिला प्रशासन को इनपुट मिला है, कि कुछ नेता घटनास्थल पर पहुंचकर माहौल को बिगाड़ने का प्रयास करने वाले हैं। इसको देखते हुए डीएम ने जिले में धारा 144 लागू कर दी है।

क्या है मामला?

बुधवार को सोनभद्र जिले में भूमि विवाद को लेकर हुई हिंसा में 10 लोगों की हत्या हो गई थी, जबकि 24 से भी अधिक लोग घायल हो गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना तब हुई जब एक जमीन के टुकड़े को लेकर गुजर और गोंड समुदाय के बीच विवाद हुआ।

पुलिस ने इस सामूहिक हत्याकांड के मामले में 24 लोगों को गिरफ्तार किया है और बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। इस मामले में 78 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, जिसमें 50 अज्ञात हैं। एक स्थानीय व्यक्ति लल्लु सिंह की याचिका पर गांव के मुखिया यज्ञदूत व उसके भाई और अन्य पर भी एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, हत्याकांड में प्रयोग में लाए गए दो हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पुलिस महानिदेशक ओ.पी सिंह को मामले पर कड़ी नजर रखने का आदेश दिया है।

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