नई दिल्ली: तेलुगु देशम पार्टी के चार राज्यसभा सांसदों के बाद समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर को पार्टी में शामिल करने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी की नजर समाजवादी पार्टी के दो अन्य राज्यसभा सांसदों पर है। जल्द ही यह राज्यसभा सांसद भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं।

पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नीरज शेखर की राज्यसभा से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने के बाद से समाजवादी पार्टी में सेंध लगाने की भारतीय जनता पार्टी की कोशिशें तेज हो गई है। माना जा रहा है कि उपचुनाव के पहले भारतीय जनता पार्टी समाजवादी पार्टी को एक और बड़ा झटका देते हुए दो राज्यसभा सांसदों को इस्तीफा दिलवा कर उन्हें भाजपामें शामिल करवा सकती है।

भारतीय जनता पार्टी की इस रणनीति के पीछे उसका मकसद यह है कि भारतीय जनता पार्टी को राज्यसभा में भी बहुमत का आंकड़ा मिल जाए। दो सांसदों के पाला बदलते ही भारतीय जनता पार्टी का राज्यसभा में बहुमत का आंकड़ा हो जाएगा। फिलहाल भारतीय जनता पार्टी राज्यसभा में अल्पमत में है, जिससे बिल को पास कराने में उसको अक्सर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

फिलहाल राज्यसभा में बहुमत प्राप्त करने के लिए इंडिया को 120 सांसदों की जरूरत है और फिलहाल भारतीय जनता पार्टी के पास कुल 116 सांसद हैं जो बहुमत से चार कम है । अगर समाजवादी पार्टी के दो राज्यसभा सांसद त्यागपत्र देकर भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन करते हैं तो उप चुनाव कराकर भारतीय जनता पार्टी इन सीटों को जीत सकती है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी की कोशिश है कि जल्द से जल्द राज्यसभा में भी लोकसभा की तरह बहुमत हासिल कर लिया जाए जिससे उसके बिलों को पास कराने में किसी भी प्रकार की दिक्कत ना आए।

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आपको बता दें कि तेलुगु देशम पार्टी के चार और इंडियन नेशनल लोक दल के एक सांसद के भाजपा में आ जाने के बाद से राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी की स्थिति काफी मजबूत हो गई है और अगर समाजवादी पार्टी के दो सांसद और उसके खेमे में आ जाते हैं तो राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी की बल्ले-बल्ले हो जाएगी।