नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी में राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद भले ही नए अध्यक्ष के चुनाव में पार्टी के अंदरूनी कारणों से देरी हो रही हो लेकिन एक बात धीरे-धीरे साफ होती गई है कि राहुल गांधी अब कांग्रेस पार्टी को पूरी तरह से बदलना चाहते हैं। राहुल गांधी ने कई बड़े नेताओं को इस बात के संकेत दे दिए हैं कि अब उनकी धमकी और मनमाने काम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस पार्टी में चल रही अंदरूनी खींचातानी और वरिष्ठ नेताओं की मनमानी से नाराज राहुल गांधी ने 23 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद जैसे ही 25 मई को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई उसमें कुछ बातों की तरफ उन्होंने साफ साफ इशारा किया और कहा कि अब ऐसी मनमानी नहीं चलेगी।

पार्टी के कई दिग्गज नेताओं और उनके बेटों को लेकर इस बैठक में काफी गहनता से चर्चा हुई, जिसमें राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को लेकर विशेष रूप से सवाल उठाए गए। पार्टी के कई नेताओं ने तो मुख्यमंत्री कमलनाथ और अशोक गहलोत के ऊपर यह भी आरोप लगाया कि वह पार्टी के उम्मीदवारों को जिताने के बजाय अपने पुत्रों को जीत दिलाने की कोशिश करते रहे। इसीलिए कांग्रेस पार्टी कि इन राज्यों में करारी हार हुई।

वहीं, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को भी राहुल गांधी ने कठघरे में खड़ा कर दिया राहुल गांधी ने कहा कि ‘आप तो अपने बेटे के प्रोत्साहन में व्यस्त रहें और आपने कांग्रेस पार्टी छोड़ने तक की धमकी दे दे डाली थी।’

राहुल गांधी ने पी चिदंबरम को टोकते हुए अपनी बात उस समय कही जब वह तमिलनाडु केरल और पंजाब में मोदी लहर का कोई असर न बताते हुए राहुल गांधी के नेतृत्व की प्रशंसा कर रहे थे।

राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद पी चिदंबरम हैरान हो गए और उन्होंने राहुल गांधी को सफाई भी देने की कोशिश की, लेकिन राहुल गांधी उस दिन किसी और मूड पर थे वह किसी को बख्शने की हालत में नहीं दिखाई दे रहे थे। ऐसी हालत में पी चिदंबरम को अपना भाषण बीच में ही बंद कर के बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा।

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आपको बता दें कि ऐसी भी चर्चा आ रही है कि इस घटना के बाद से चिदंबरम ने राहुल गांधी से कभी मुलाकात नहीं की है और तब से लेकर अब तक दोनों के बीच में मनमुटाव कायम है।

हालांकि पी. चिदंबरम कांग्रेस वर्किंग कमेटी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से भी नाराज हैं क्योंकि उन्होंने अपनी यह बात अनौपचारिक बातचीत के दौरान कही थी। पी. चिदंबरम को इस बात को लेकर दुख है कि राजनीति और पद में उनसे काफी जूनियर माने जाने वाले केसी वेणुगोपाल ने अनौपचारिक बात को कैसे सीडब्ल्यूसी के सभी मेंबरों के सामने उजागर कर दिया।

इस खबर के मीडिया में बाहर आने के बाद अब यह साफ हो गया है कि राहुल गांधी दिग्गज नेताओं की मनमानी से ऊब चुके हैं और वह उनकी छोड़ने वाले नहीं हैं। इसीलिए उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का मन बनाया है और किसी दूसरे नेता को यह जिम्मेदारी देकर पार्टी को नए सिरे से खड़ा करना चाहते हैं।